आध्यात्मिक गुरुओं का मानना है कि अपने मस्तिष्क में बेकार की सूचना संग्रहीत न करें, अनुपयोगी को निकाल फेंकें, तभी आपका मन उच्च विचार ग्रहण करने में समर्थ होगा।’ अवांछित, अशोभनीय वस्तुओं या विचारों को सहेजे रखने से नैराश्य पनपता है और हमारा शारीरिक तथा आध्यात्मिक बल क्षीण होता है।उन्नयन...
Published on 06/07/2023 6:00 AM





