Monday, 22 April 2024

ज्ञान के रास्ते पर

गौतम बुद्ध के प्रवचन में एक व्यक्ति रोज आता था और बड़े ध्यान से उनकी बातें सुनता था। बुद्ध अपने प्रवचन में लोभ, मोह, द्वेष और अहंकार छोड़ने की बात करते थे। एक दिन वह व्यक्ति बुद्ध के पास आकर बोला- मैं लगभग एक महीने से आपके प्रवचन सुन रहा...

Published on 09/12/2023 6:13 AM

प्रयश्चित ही कर्म फल से मुक्ति का आधार है 

यह ठीक है कि जिस व्यक्ति के साथ अनाचार बरता गया अब उस घटना को बिना हुई नहीं बनाया जा सकता। सम्भव है कि वह व्यक्ति अन्यत्र चला गया हो। ऐसी दशा में उसी आहत व्यक्ति की उसी रूप में क्षति पूर्ति करना सम्भव नहीं। किन्तु दूसरा मार्ग खुला है।...

Published on 28/10/2023 6:15 AM

जीवन एक क्रिकेट मैच 

प्रांतिकारी संत तरुणसागरजी ने क्रिकेट की व्याख्या करते हुए कहा कि जीवन एक क्रिकेट है, धरती की विराट पिच पर समय बॉलिंग कर रहा है। शरीर बल्लेबाज है, परमात्मा के इस आयोजन पर अम्पायर धर्मराज हैं। बीमारियाँ फील्डिंग कर रही हैं, विकेटकीपर यमराज हैं, प्राण हमारा विकेट है, जीवन एक...

Published on 13/09/2023 6:00 AM

क्या हैं आध्यात्मिक होने का अर्थ 

यह प्रश्न किसी भी जिज्ञासु के मन में उठ सकता है कि हमें ठीक-ठीक ऐसा क्या करना चाहिए ताकि वह जो परम है, जो परमेश्वर है, वह मेरे जीवन में घटित हो सके? सदगुरु इसका उत्तर देते हैं कि अध्यात्म भीगी बिल्लियों के लिए नहीं है, क्या तुम समझ रहे...

Published on 12/09/2023 6:00 AM

बुध ग्रह होने वाले हैं वक्री, इन राशि के जातकों को मिलेगा लाभ ही लाभ

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, बुध ग्रह  बुद्धि, तर्क क्षमता और अच्छे संचार कौशल का कारक माना जाता है। यह चंद्रमा के बाद सबसे छोटा और सबसे तेज़ गति से चलने वाला ग्रह है। बारह राशियों में से, ग्रह को दो भावों, मिथुन और कन्या, का भी स्वामित्व प्राप्त है।  24...

Published on 22/08/2023 10:40 AM

चाणक्य विचार: ऐसे मित्रों का तुरंत करें त्याग, वरना बहुत पछताएंगे

आचार्य चाणक्य को भारत के महान ज्ञानियों और विद्वानों में से एक माना गया हैं। इनकी नीतियां देश दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं जिसे चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता हैं।आचार्य चाणक्य ने अपने जीवन के अनुभवों को नीतिशास्त्र में पिरोया हैं जिसका अनुसरण करने वाला मनुष्य जीवनभर सफल...

Published on 27/07/2023 6:30 AM

व्यक्तिगत चेतना का विस्तार 

दूसरों के सुख-दुख का भागी बनने से हमारी व्यक्तिगत चेतना विकसित होकर विश्व चेतना बन जाती है। समय के साथ जब ज्ञान की वृद्धि होती है, तब उदासीनता संभव नहीं। तुम्हारा आंतरिक स्रोत ही आनन्द है।अपने दु:ख को दूर करने का उपाय है विश्व के दुख में भागीदार होना और...

Published on 26/07/2023 6:00 AM

अंतर्दृष्टि से अनुबंधित है ज्ञान

बुद्धि अच्छी चीज है, पर कोरी बौद्धिकता ही सब कुछ नहीं है। इससे व्यक्ति के जीवन में नीरसता और शुष्कता आती है। ज्ञान अंतर्दृष्टि से अनुबंधित है, इसलिए यह अपने साथ सरसता लाता है। ज्ञानी व्यक्तियों के लिए पुस्तकीय अध्ययन की विशेष अपेक्षा नहीं रहती। भगवान महावीर ने कब पढ़ी...

Published on 23/07/2023 6:00 AM

चाणक्य नीति: जीवन में सुख शांति लाने के लिए इन चीजों से रहें दूर

आचार्य चाणक्य को भारत के महान ज्ञानियों और विद्वानों की श्रेणी में स्थान प्राप्त हैं इनकी नीतियां दुनियाभर में प्रसिद्ध मानी जाती हैं। चाणक्य ने अपने जीवन के अनुभवों को नीतिशास्त्र में पिरोया हैं जिसे चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता हैं।चाणक्य ने मनुष्य जीवन से जुड़े हर पहलु...

Published on 20/07/2023 6:15 AM

कर्म के पाप-पुण्य में फंस जाता है जीव

ईश्वर क्षेत्रज्ञ या चेतन है, जैसा कि जीव भी है, लेकिन जीव केवल अपने शरीर के प्रति सचेत रहता है, जबकि भगवान समस्त शरीरों के प्रति सचेत रहते हैं। चूंकि वे प्रत्येक जीव के हृदय में वास करने वाले हैं, अतएव वे जीवविशेष की मानसिक गतिशीलता से परिचित रहते हैं।...

Published on 20/07/2023 6:00 AM