नई दिल्ली। हाल ही में राजधानी दिल्ली में युवाओं के अचानक हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद देश के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की हलचल बढ़ गई है। नई पीढ़ी के बदलते रुख और उनकी सोच को ध्यान में रखते हुए अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत स्वयं युवाओं से सीधे जुड़ने जा रहे हैं।
देशभर के 100 से अधिक शहरों में संवाद की तैयारी
संघ प्रमुख 6 अगस्त को एक साथ देश के 100 से ज्यादा शहरों के छात्र-छात्राओं और युवाओं के साथ ऑनलाइन माध्यम से बातचीत करेंगे। इस विशेष संवाद का मुख्य आयोजन मुंबई स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में होगा, जहां 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) के 15वें वार्षिक सम्मेलन के मंच से वे देश की युवा पीढ़ी को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से 15 से 19 वर्ष की उम्र के हजारों छात्र शामिल होंगे।
वैश्विक मंच पर जेन-जी और जेन-अल्फा की भागीदारी
वर्ष 2011 से काम कर रही संस्था IIMUN दुनिया के 40 से अधिक देशों के करोड़ों युवाओं को जोड़ चुकी है। इस बार का सम्मेलन “The Role of Youth in Uniting the World, the Indian Way” (भारतीय तरीके से दुनिया को जोड़ने में युवाओं की भूमिका) विषय पर केंद्रित है। इसमें Gen-Z (1997 से 2012 के बीच जन्मे) और Gen-Alpha (2010 से 2024 के बीच जन्मे) पीढ़ी के प्रतिनिधि राष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे।
बदलाव को समझने और खुले संवाद पर संघ प्रमुख का जोर
मोहन भागवत का हमेशा से मानना रहा है कि नई पीढ़ी के विचारों, उनकी चिंताओं और अपेक्षाओं को समझे बिना समाज में संतुलन बनाना कठिन है। उनका कहना है कि बातचीत के रास्ते ही युवाओं के साथ भरोसा कायम किया जा सकता है। इसी सोच के तहत यह आयोजन युवाओं की बात सुनने और उनके साथ मिलकर भविष्य की राह तय करने का एक अनूठा प्रयास माना जा रहा है।





