मुंबई। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर निकलने वाले गणेश विसर्जन जुलूस को लेकर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के 10 पुराने और जर्जर पुलों को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया गया है, जिन्हें पार करना जोखिम भरा हो सकता है।
पुलों पर सुरक्षा और विशेष निगरानी दल
मध्य रेलवे के अंतर्गत 4 और पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले 6 पुराने पुलों पर अत्यधिक भीड़ और भारी वजन को रोकने के लिए महानगरपालिका ने विशेष निगरानी दल तैनात करने का निर्णय लिया है। इसमें पुलिस की भी पूरी मदद ली जा रही है। विशेष तौर पर करी रोड, चिंचपोकली और भायखला क्षेत्र के मंडलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इन पुलों से गुजरते समय एक समय में कुल 16 टन से अधिक का भार नहीं होना चाहिए।
एक समय में केवल एक मूर्ति को गुजरने की अनुमति
लालबाग, परेल, कालाचौकी और गिरगांव जैसे प्रमुख इलाकों के गणेशोत्सव मंडलों को इन संवेदनशील पुलों की जानकारी दे दी गई है। वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध न होने के कारण श्रद्धालुओं को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, इसलिए दुर्घटना टालने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि संवेदनशील पुलों से एक समय में केवल एक ही गणेश मूर्ति गुजर सके। इस बात पर कड़ी नजर रखने के लिए मनपा और पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात रहेंगी।
चिह्नित किए गए संवेदनशील रेलवे पुल
प्रशासन द्वारा जिन 10 पुराने और खतरनाक पुलों की सूची जारी की गई है, वे निम्नलिखित हैं:
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मध्य रेलवे के संवेदनशील पुल:
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घाटकोपर रेलवे पुल
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करी रोड रेलवे पुल
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चिंचपोकली रेलवे पुल
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भायखला रेलवे पुल
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पश्चिम रेलवे के संवेदनशील पुल:
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ग्रांट रोड और चर्नी रोड के बीच स्थित सैंडहर्स्ट रोड रेलवे पुल
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फ्रेंच रेलवे पुल
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केनेडी रेलवे पुल
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ग्रांट रोड और मुंबई सेंट्रल के बीच स्थित फॉकलैंड रेलवे पुल
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महालक्ष्मी स्टेशन रेलवे पुल
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दादर तिलक रेलवे पुल
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प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उत्सव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और निर्धारित भार सीमा का सख्ती से पालन कराते हुए सुरक्षित विसर्जन संपन्न कराना है।





