रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इस फेरबदल के तहत विभिन्न जिलों और विभागों में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर स्तर पर बड़ा बदलाव
प्रशासनिक फेरबदल के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन को उनके वर्तमान पद से हटाकर स्कूल शिक्षा विभाग में विशेष सचिव के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह अब विजय दयाराम को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जो इस जिले के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
विभागीय अधिकारियों की नई नियुक्तियां
अन्य नियुक्तियों में हेमंत रमेश नंदनवार को जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) पद से मुक्त कर संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण के पद पर पदस्थ किया गया है। साथ ही, उन्हें छत्तीसगढ़ कौशल विकास प्राधिकरण के प्रबंध संचालक (MD) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त रहे सुमित अग्रवाल को अब छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है, जिससे रिमिजियस एक्का को इस अतिरिक्त प्रभार से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल और पदोन्नति
इस फेरबदल प्रक्रिया में युवा अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। एसडीएम सरायपाली (महासमुंद) के पद पर कार्यरत अनुपमा आनंद को पदोन्नति देते हुए जिला पंचायत महासमुंद का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। शासन द्वारा किए गए इन तबादलों को राज्य में प्रशासनिक पकड़ को मजबूत करने और विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।







