काठमांडू: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र उर्फ बालेन शाह से मुलाकात की। प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और नेपाल के द्विपक्षीय व सैन्य संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर चर्चा हुई। इस दौरान नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। बालेन शाह के पास वर्तमान में नेपाल के रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी है।
बैठक का राजनीतिक व कूटनीतिक महत्व
27 मार्च को पदभार संभालने के बाद से प्रधानमंत्री बालेन शाह विदेशी राजनयिकों के साथ सीधे संवाद से बचते रहे हैं। ऐसे में भारतीय सेना प्रमुख के साथ उनकी यह व्यक्तिगत मुलाकात अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भी उनसे भेंट कर दोनों देशों के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया था।
अग्निपथ योजना और गोरखा भर्ती पर चर्चा की संभावना
हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बातचीत का आधिकारिक ब्योरा साझा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती का मुद्दा चर्चा के केंद्र में रहा। 2022 में लागू हुई अग्निपथ योजना के बाद नेपाल ने 1947 के त्रिपक्षीय समझौते के प्रावधानों का हवाला देते हुए गोरखा भर्ती पर अस्थायी रोक लगा रखी है।
सैन्य परंपरा के तहत मानद जनरल की उपाधि
जनरल धीरज सेठ, नेपाली सेनापति जनरल अशोक राज सिग्देल के औपचारिक निमंत्रण पर चार दिवसीय नेपाल प्रवास पर हैं। यात्रा के दौरान नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 1950 से चली आ रही ऐतिहासिक परंपरा के तहत जनरल सेठ को नेपाली सेना के 'मानद जनरल' की उपाधि से सम्मानित किया। यह परंपरा दोनों देशों की सेनाओं के बीच गहरे आपसी विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।





