लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के मध्य जुबानी तीर तेज हो गए हैं। अखिलेश यादव द्वारा एनडीए के घटक दलों के संभावित सीट बंटवारे पर दिए बयान के बाद अब बीजेपी ने पलटवार किया है। भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि सपा अध्यक्ष चुनाव में संभावित पराजय की जिम्मेदारी से बचने के लिए कांग्रेस को करीब 300 सीटों पर चुनाव लड़ाने की गुप्त रणनीति बना रहे हैं।
बीजेपी ने बोला सपा प्रमुख पर हमला
बीजेपी के प्रांतीय प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के अंदरूनी पारिवारिक कलह के कारण उनकी गुप्त रणनीतियां उजागर हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में पराजय का ठीकरा अपने सिर पर फूटने से बचाने के लिए सपा प्रमुख कांग्रेस को 300 के आसपास सीटें सौंपने का मन बना रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता के अनुसार, ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि चुनावी असफलता का दोष राहुल गांधी पर मढ़ा जा सके और अखिलेश स्वयं जवाबदेही से बच सकें।
अखिलेश यादव ने साधा था एनडीए गठबंधन पर निशाना
इससे पूर्व, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों पर प्रहार करते हुए एनडीए का एक कथित सीट बंटवारा फॉर्मूला उजागर किया था। उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी अपने सहयोगी दलों—रालोद (73 सीटें), सुभासपा (39 सीटें), निषाद पार्टी (31 सीटें) और अपना दल (19 सीटें)—को सीटें देने की योजना बना रही है। अखिलेश ने इस फॉर्मूले को पीडीए की आबादी के अनुपात से बहुत कम बताते हुए इसे पूरी तरह से विफल करार दिया था।
सरकार की नीतियों पर अखिलेश के तीखे आरोप
सपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि जनता बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगतियों और बुलडोजर कार्रवाई से परेशान हो चुकी है। उन्होंने अग्निवीर योजना, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और संवैधानिक मूल्यों के उल्लंघन को लेकर सरकार की आलोचना की और कहा कि आम जनमानस अब सत्ता परिवर्तन का मन बना चुका है।
अपना दल का पलटवार
अखिलेश यादव के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए अपना दल के वरिष्ठ नेता आशीष पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी सोशल मीडिया के खेल में विश्वास न रखकर धरातल पर काम करने में यकीन रखती है। उन्होंने कहा कि एनडीए पूर्ण बहुमत के साथ पुनः सरकार बनाने जा रहा है और इसी से विचलित होकर सपा प्रमुख अफवाहों का सहारा ले रहे हैं।





