जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार की रात उस समय अफरा-तफरी और भारी गहमागहमी का माहौल बन गया, जब पवित्र हज यात्रा पर रवाना होने वाले यात्रियों को विदा करने के लिए उनके परिजनों और समर्थकों की भारी भीड़ स्टेशन के प्लेटफॉर्म के अंदर तक पहुंच गई।
देखते ही देखते यात्रियों और उनके मिलने वालों की संख्या इतनी अधिक हो गई कि प्लेटफॉर्म पर पैदल चलना तक दूभर हो गया। जैसे-जैसे ट्रेन के छूटने का समय करीब आता गया, लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती चली गई। स्थिति को बेकाबू होते देख और किसी भी संभावित भगदड़ की आशंका को भांपते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को तत्काल मोर्चा संभालना पड़ा।
प्लेटफॉर्म 2/3 पर उमड़ी अपार भीड़
हर साल जबलपुर से बड़ी संख्या में अकीदतंद हज यात्रा के लिए सऊदी अरब प्रस्थान करते हैं। इन यात्रियों को उनके माता-पिता, रिश्तेदार, मित्र और पड़ोसी स्टेशन तक छोड़ने आते हैं। रविवार की रात भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब हज यात्रियों के साथ उनके सैकड़ों परिजन रेलवे परिसर के भीतर दाखिल हो गए।
ट्रेन के रवाना होने का वक्त जैसे-जैसे नजदीक आया, प्लेटफॉर्म पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। मुख्य रूप से प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 पर इतनी अधिक भीड़ जमा हो गई कि आम यात्रियों के लिए अपनी बोगी तक पहुंचना भी बेहद कठिन हो गया।
गरीब रथ एक्सप्रेस के समय बढ़ती है विशेष भीड़
जानकारों के अनुसार, हज यात्रियों को जबलपुर से मुंबई की ओर जाने वाली लोकप्रिय गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन से सफर करना होता है। ट्रेन के प्लेटफार्म पर आने और रवाना होने से पहले बड़ी संख्या में लोग अपनों को विदा करने पहुंचते हैं।
चूंकि हज यात्रा हर मुस्लिम परिवार के लिए एक बेहद पवित्र और भावनात्मक अवसर होती है, इसलिए हर कोई अपने अजीज को ट्रेन तक छोड़ने और अंतिम क्षण तक उनके साथ रहने की इच्छा रखता है। इसी मानवीय भावना के चलते सामान्य दिनों की तुलना में स्टेशन पर आने वाले लोगों की संख्या कई गुना अधिक हो जाती है।
आरपीएफ (RPF) ने संभाली कमान, की अपील
प्लेटफॉर्म पर स्थिति बिगड़ती देख रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था अपने हाथ में ली। आरपीएफ के जवानों ने लाउडस्पीकर के जरिए लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को समझाइश दी कि वे अत्यधिक संख्या में स्टेशन के भीतर प्रवेश न करें और हज यात्रियों से स्टेशन के बाहर ही मिलकर उन्हें सुरक्षित तरीके से विदा करें।
आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी राजीव खरब ने इस स्थिति पर बात करते हुए बताया कि हज यात्रियों को विदा करने आने वाले शुभचिंतकों की संख्या कई बार हजारों में पहुंच जाती है, जिसके कारण रेलवे परिसर के भीतर भारी भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। उन्होंने अपील की है कि लोग सुरक्षा नियमों का पालन करें, क्योंकि अत्यधिक भीड़ के कारण किसी भी समय अप्रिय स्थिति या भगदड़ का अंदेशा बना रहता है, जो बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकता है।





