लखीसराय।लखीसराय के प्रसिद्ध श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोकधाम) के बाहरी इलाके में सावन की तीसरी सोमवारी की सुबह श्रद्धालुओं के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इस दुखद हादसे में 7 लोगों की जान चली गई, जबकि 8 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज शुरू कर दिया गया है। स्थिति को देखते हुए हताहतों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
बिजली पोल गिरने और करंट की अफवाह से बिगड़े हालात
जिलाधिकारी के अनुसार, हादसा अशोकधाम स्टेशन से मंदिर की तरफ आने वाले रास्ते पर सुबह लगभग साढ़े छह से सात बजे के बीच हुआ। जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतार अशोकधाम हॉल्ट तक जा पहुंची थी, जहां दो ट्रेनें भी आकर रुकी थीं। इसी दौरान वहां स्थित बिजली का एक पोल नीचे गिर गया। इसके तुरंत बाद भीड़ में करंट फैलने की अफवाह तेजी से उड़ गई, जिससे कांवरियों के बीच दहशत का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागने लगे।
चीख-पुकार के बीच राहत और बचाव कार्य
अफरातफरी के माहौल में कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े और भीड़ के नीचे दब गए। इस अप्रत्याशित घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और अन्य भक्तों ने त्वरित तत्परता दिखाते हुए दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की उच्च स्तरीय टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था संभाली।
चार मृतकों की हुई पहचान
प्रशासन ने प्राथमिक रूप से चार मृत महिलाओं की पहचान सार्वजनिक की है। इनमें लखीसराय के बड़हिया स्थित इंद टोला की मनमाला देवी (44), मुंगेर जिले के सफियासराय थाना अंतर्गत फरदा की रहने वाली रिंकू देवी (50), तथा लखीसराय के हलसी थाना क्षेत्र के कैंदी प्रतापपुर की हेमलता देवी (55) और प्रतापपुर की ललिता देवी शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने संवेदना व्यक्त करते हुए दिए निर्देश
इस हृदयविदारक घटना पर दुख प्रकट करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने इस हादसे को अत्यंत कष्टदायक बताते हुए दिवंगत आत्माओं के परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई। साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सभी घायलों के त्वरित और बेहतर इलाज के सख्त निर्देश दिए हैं।
पालकालीन शिवलिंग और मंदिर का धार्मिक महत्व
अशोकधाम मंदिर अपने पालकालीन विशाल शिवलिंग के लिए पूरे प्रदेश में विख्यात है, जो पुरातात्विक खुदाई के दौरान प्राप्त हुआ था। प्राचीनकाल से ही इस धाम का अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रहा है। सावन के पवित्र महीने में, विशेषकर सोमवार के दिन, देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, जिसके कारण इस बार भी परिसर में भारी भीड़ जमा हुई थी।





