हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इसी पावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से नाग पूजन करने पर भय, बाधाएं और ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है. उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है, वे नाग पंचमी पर विशेष उपाय और पूजा-अर्चना कर इस दोष के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं.

इस साल नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026, दिन सोमवार को मनाया जाएगा. वैदिक पंचांग के मुताबिक, सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 अगस्त को शाम 4 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 17 अगस्त को शाम 5 बजे होगा. उदयातिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाना शुभ रहेगा.
कालसर्प दोष के संकेत
कालसर्प दोष से प्रभावित व्यक्ति को अक्सर डरावने सपने आते हैं और सपनों में बार-बार सांप दिखाई दे सकते हैं. ऐसे लोगों के मन में अनजाना डर बना रहता है. मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिलती और कार्यों में रुकावटें आती हैं. परिवार और कार्यस्थल पर तनाव और विवाद की स्थिति भी बन सकती है. साथ ही विरोधियों और शत्रुओं की सक्रियता बढ़ने की संभावना रहती है.

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इसी पावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से नाग पूजन करने पर भय, बाधाएं और ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है. उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है, वे नाग पंचमी पर विशेष उपाय और पूजा-अर्चना कर इस दोष के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं.

इस साल नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026, दिन सोमवार को मनाया जाएगा. वैदिक पंचांग के मुताबिक, सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 अगस्त को शाम 4 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 17 अगस्त को शाम 5 बजे होगा. उदयातिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाना शुभ रहेगा.
कालसर्प दोष के संकेत
कालसर्प दोष से प्रभावित व्यक्ति को अक्सर डरावने सपने आते हैं और सपनों में बार-बार सांप दिखाई दे सकते हैं. ऐसे लोगों के मन में अनजाना डर बना रहता है. मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिलती और कार्यों में रुकावटें आती हैं. परिवार और कार्यस्थल पर तनाव और विवाद की स्थिति भी बन सकती है. साथ ही विरोधियों और शत्रुओं की सक्रियता बढ़ने की संभावना रहती है.