लखनऊ: भारत में फैले देशविरोधी और आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष शाखा एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) को संज्ञान में लेते हुए ईडी ने यह कदम उठाया है। टेरर फंडिंग और अवैध रूप से घुसपैठ कराने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित देश के 13 से अधिक ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है।
विदेशी फंडिंग से रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को भारत में बसाने का बड़ा खेल
सुरक्षा एजेंसियों को देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और भारत में अवैध रूप से रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ कराने वाले एक बड़े रैकेट का इनपुट मिला था। यूपी एटीएस की जांच में सामने आया था कि यह सिंडिकेट न केवल सीमा पार से अवैध घुसपैठ कराता है, बल्कि घुसपैठियों के फर्जी भारतीय दस्तावेज (जैसे जाली पहचान पत्र और आधार कार्ड) बनवाकर उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में योजनाबद्ध तरीके से स्थापित भी कर रहा था।
मेट्रो स्टेशन के बाहर संदिग्ध गतिविधि से अलर्ट हुई थी सुरक्षा एजेंसियां
विगत दिनों दिल्ली के एक मेट्रो स्टेशन के बाहर हुई संदिग्ध गतिविधि के बाद यूपी एटीएस लगातार अलर्ट मोड पर थी। इस दौरान जांच टीम को सूचना मिली कि कुछ चैरिटेबल ट्रस्टों और सामाजिक संस्थाओं को विदेशों से संदिग्ध रूप से भारी मात्रा में फंड मिल रहा है। इस विदेशी धन को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय पहचान छिपाने के लिए दर्जनों फर्जी खातों (म्यूल अकाउंट्स) में घुमाया गया (लेयरिंग की गई), ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके। इसी पुख्ता इनपुट के बाद एटीएस ने मामला दर्ज किया था, जिसके आधार पर अब ईडी ने वित्तीय जांच की कमान संभालते हुए यह छापेमारी की है।
इन राज्यों और शहरों में ईडी की टीमों ने दी दबिश
ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर गुरुवार सुबह एक साथ निम्नलिखित संवेदनशील ठिकानों पर अपनी कार्रवाई शुरू की:
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नई दिल्ली: दिल्ली के मदनपुर खादर और बाटला हाउस क्षेत्र।
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उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी का सहारनपुर जिला।
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महाराष्ट्र: तटीय क्षेत्र रायगढ़।
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पश्चिम बंगाल: कोलकाता, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना के विभिन्न इलाके।
पश्चिम बंगाल में मदरसा परिसर से ₹40 लाख कैश और सोने के सिक्के बरामद
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दफ्तर से मिला कैश: ईडी की लखनऊ टीम ने गुरुवार 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल के कलीलकापुर स्थित 'हरोरा अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम' में तलाशी ली। जांच के दौरान संस्थान के मुख्य कार्यालय से ₹40 लाख की बेहिसाब नकदी बरामद की गई।
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किताबों के बीच छिपा था सोना: जब टीम ने लाइब्रेरी (पुस्तकालय) की सघन तलाशी ली, तो वहां से 180 ग्राम वजन के सोने के कीमती सिक्के बरामद हुए। परिसर के जिम्मेदार अधिकारी इस भारी-भरकम कैश और सोने को लेकर कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके, जिसके बाद ईडी ने पीएमएलए 2002 की धारा 17 के तहत इन्हें तत्काल जब्त कर लिया।
ट्रस्टों के जरिए चलने वाले गहरे फाइनेंशियल नेटवर्क का पर्दाफाश
प्रवर्तन निदेशालय के आला अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में एक बेहद सुनियोजित और गहरे वित्तीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जांच के घेरे में मदनपुर खादर की 'सन शाइन हेल्थ एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी' और उत्तर 24 परगना की 'कबीरबाग मिल्लत एकेडमी' जैसी संस्थाएं हैं। इन संदिग्ध संस्थानों द्वारा विदेशी चंदे के रूप में आई भारी-भरकम रकम को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर या बैंकों से सीधे कैश (नकद) निकालकर संदिग्ध लाभार्थियों और राष्ट्र विरोधी तत्वों तक पहुंचाया जा रहा था। ईडी के मुताबिक, इस छापेमारी में मिले डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर जांच का दायरा और आगे बढ़ाया जा रहा है।





