टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन में पिछले कुछ समय से लगातार आ रही गिरावट ने खेल प्रेमियों के साथ-साथ प्रबंधन को भी गहरी चिंता में डाल दिया है। लगातार मिल रही करारी हार के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पूरी तरह से सख्त रुख अपनाने के मूड में आ गया है। इंग्लैंड के हाथों मौजूदा टी20 श्रृंखला गंवाने के तुरंत बाद बोर्ड ने पुरुष टी20 टीम के गिरते स्तर और लचर प्रदर्शन को लेकर एक बेहद उच्च स्तरीय और विस्तृत समीक्षा बैठक बुलाने का बड़ा निर्णय लिया है। बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही भारतीय टीम का मौजूदा इंग्लैंड दौरा समाप्त होगा, वैसे ही इस विशेष समीक्षा बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लगातार दो द्विपक्षीय सीरीज हारने की मुख्य वजहों और खिलाड़ियों की तकनीकी कमियों पर बारीकी से मंथन होगा।
इंग्लैंड का दौरा समाप्त होते ही बीसीसीआई करेगा कड़ी समीक्षा
इस पूरे घटनाक्रम पर बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारी देवजीत सैकिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भारतीय पुरुष टी20 टीम इस समय बेहद नाजुक और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। टीम के इस खराब फॉर्म को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए इंग्लैंड दौरा खत्म होते ही प्रदर्शन का पूरा लेखा-जोखा तैयार कर उसकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि स्थिति पूरी तरह से साफ है; पहले आयरलैंड और अब इंग्लैंड की धरती पर भारतीय टी20 टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक बेहद निराशाजनक रहा है। सीरीज के संपन्न होने के बाद प्रबंधन और चयनकर्ता मिलकर बैठेंगे और उन सभी आंतरिक व तकनीकी समस्याओं का गहराई से विश्लेषण करेंगे, जिनका सामना टीम मैदान पर कर रही है। इन कमियों को चिन्हित कर जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ 19 जुलाई को समाप्त होने वाली वनडे सीरीज के ठीक बाद यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
आयरलैंड और इंग्लैंड की पिचों पर टीम इंडिया का लगातार खराब प्रदर्शन
भारतीय टीम के इस विदेशी दौरे की शुरुआत बेहद उतार-चढ़ाव भरी रही है। सबसे पहले आयरलैंड के खिलाफ खेली गई टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत को इतिहास में पहली बार 0-2 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा, जिसने सबको चौंका दिया। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय खिलाड़ियों का फ्लॉप शो जारी रहा। ब्रिस्टल के मैदान पर खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट के बड़े अंतर से रौंद दिया। इस शर्मनाक हार के साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की इस टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बनाकर ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया है, जिससे भारतीय टीम के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं।
बल्लेबाजी की लचर तकनीक और बेअसर गेंदबाजी बनी सबसे बड़ी चिंता
ब्रिस्टल में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम की कमियां खुलकर सामने आ गईं। अगर कप्तान श्रेयस अय्यर की नाबाद 80 रनों की कप्तानी पारी को छोड़ दिया जाए, तो टीम का कोई भी दूसरा बल्लेबाज क्रीज पर टिकने का जज्बा नहीं दिखा सका। खराब शॉट सिलेक्शन और गैर-जिम्मेदाराना बल्लेबाजी के चलते पूरी टीम निर्धारित ओवरों में महज 158/7 रन ही बना सकी। इस मामूली से लक्ष्य को इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने बेहद आसान साबित कर दिया और सिर्फ 13.5 ओवरों में महज एक विकेट खोकर इसे हासिल कर लिया। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक (नाबाद 79) और सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट (नाबाद 59) ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए उन्हें विकेट के लिए पूरी तरह तरसा दिया।
बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में इन 5 मुख्य मुद्दों पर गिरेगी गाज
बोर्ड द्वारा बुलाई जाने वाली आगामी समीक्षा बैठक में जिन गंभीर समस्याओं पर सबसे ज्यादा फोकस रहने की उम्मीद है, वे निम्नलिखित हैं:
-
टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर का सरेंडर: टीम के शीर्ष और मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाजों का लगातार फ्लॉप होना और दबाव के क्षणों में विकेट गंवाना।
-
विदेशी पिचों पर असमर्थता: तेज गति और सीम मूवमेंट वाली मददगार पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों द्वारा अपनी तकनीक में जरूरी बदलाव न कर पाना।
-
सीनियर गेंदबाजों की कमी: जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे अनुभवी मैच-विनर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में युवा गेंदबाजी पंक्ति का पूरी तरह से बिखर जाना।
-
अस्थिर टीम कॉम्बिनेशन: प्लेइंग इलेवन में लगातार किए जा रहे बदलाव और प्रयोगों के कारण खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना और तालमेल की कमी होना।
-
खराब फील्डिंग स्तर: मैदान पर कैच छोड़ना और ढीली फील्डिंग के कारण विरोधी टीम को अतिरिक्त रन उपहार में देना।
आईसीसी रैंकिंग में नंबर-1 का ताज बचाने की आखिरी जंग
अब भारतीय टीम के सामने साख बचाने के साथ-साथ अपनी बादशाहत बरकरार रखने की भी बड़ी चुनौती है। शनिवार को साउथम्प्टन के रोज बाउल स्टेडियम में खेले जाने वाले पांचवें और अंतिम टी20 मैच में भारत को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। अगर भारतीय टीम यह मैच भी हार जाती है, तो वह आईसीसी पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अपना नंबर-1 का स्थान भी गंवा देगी। इस दौरे के तुरंत बाद भारत को 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई की इस बड़ी समीक्षा बैठक के फैसलों और बदलावों का असर अगले दौरे पर टीम इंडिया के प्रदर्शन में दिखाई देता है या नहीं।





