नई दिल्ली: मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय संगठन में एक साथ बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी आलाकमान बड़े बदलावों की पटकथा लिख चुका है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इन बदलावों की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि इस पुनर्गठन में सांगठनिक मजबूती के साथ-साथ हाल ही में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हुए बागी चेहरों को बड़ा इनाम मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम के लिए संभावित चेहरों की सूची पूरी तरह तैयार कर ली है।
शाह के आवास पर 3 घंटे चला महामंथन
पार्टी के भीतर राष्ट्रीय टीम के पुनर्गठन को लेकर शीर्ष स्तर पर बैठकों का दौर लगातार जारी है। इसी सिलसिले में गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। बंद कमरे में हुई यह रणनीतिक बैठक करीब तीन घंटे तक चली। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक ब्यौरा साझा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें राष्ट्रीय संगठन में होने वाले बदलावों और नई टीम की सूची पर अंतिम सहमति बना ली गई है। इससे पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर भी एक उच्च स्तरीय बैठक हो चुकी है, जिसमें अमित शाह, नितिन नवीन और जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ रणनीतिकार शामिल हुए थे।
कैबिनेट से संगठन में भेजे जा सकते हैं कई बड़े चेहरे
संसद के आगामी मानसून सत्र से ठीक पहले केंद्रीय कैबिनेट में बड़े बदलाव की अटकलें हैं। भाजपा की इस रणनीति के तहत वर्तमान मंत्रिमंडल से कुछ मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है, ताकि उन्हें संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकें। पार्टी हाईकमान का मुख्य उद्देश्य संगठन के ढांचे को आगामी चुनावी और राजनीतिक चुनौतियों के लिहाज से और अधिक आक्रामक व मजबूत बनाना है।
अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश
नितिन नवीन की नई केंद्रीय टीम में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा चेहरों की ऊर्जा के बीच एक सटीक संतुलन (कॉम्बिनेशन) देखने को मिलेगा। इसके साथ ही, अगले साल होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए सांगठनिक पदों का बंटवारा किया जाएगा। चुनावी राज्यों के कद्दावर नेताओं को राष्ट्रीय टीम में अहमियत मिलना तय माना जा रहा है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर रणनीति बुनी जा रही है। यूपी में भाजपा पहले ही पंकज चौधरी की टीम का गठन कर चुनावी मोड में आ चुकी है, और अब सबकी नजरें केंद्रीय टीम की नई घोषणाओं पर टिकी हैं।
विपक्षी खेमे से आए नेताओं को मिल सकता है मंत्री पद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी कैबिनेट में होने वाला यह फेरबदल काफी व्यापक हो सकता है। एनडीए सरकार सदन में कई महत्वपूर्ण और कड़े विधेयकों को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े को मजबूत करना चाहती है। पिछले दिनों विपक्षी दलों के कई सांसदों ने पाला बदलकर एनडीए का दामन थामा है। ऐसे में इस बगावत का नेतृत्व करने वाले प्रमुख चेहरों को कैबिनेट में जगह देकर पुरस्कृत किया जा सकता है। इस रेस में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता राघव चड्ढा का नाम सबसे आगे चल रहा है, जिनके नेतृत्व में 'आप' के सात राज्यसभा सांसद हाल ही में भाजपा खेमे में शामिल हुए थे।





