सीतापुर। जनपद में अचानक आए तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आंधी की वजह से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भारी नुकसान हुआ है। जिला मुख्यालय के एबीडी कॉलोनी क्षेत्र में लो-टेंशन (एलटी) लाइन का तार अचानक टूटकर गिर गया, जिसके कारण रोटी गोदाम फीडर से होने वाली बिजली आपूर्ति लगभग चार घंटे तक पूरी तरह ठप रही। इसके अलावा प्रेमनगर फीडर को जोड़ने वाली मुख्य लाइन का जंपर कट जाने से भी कई इलाकों को घंटों बिना बिजली के बिताना पड़ा।

आंधी और बारिश से ग्रामीण अंचल में भारी नुकसान

मौसम के बदले मिजाज ने ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। तेज हवाओं के कारण विभिन्न थाना क्षेत्रों और गांवों में बिजली के खंभे उखड़ गए और मुख्य सप्लाइ लाइन के तार टूटकर जमीन पर आ गिरे। इस प्राकृतिक व्यवधान के चलते जिले के लगभग 1975 गांवों की बत्ती पूरी तरह गुल हो गई है। मौसम साफ होने और बारिश रुकने के बाद बिजली विभाग के आला अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी फाल्ट को ढूंढकर उन्हें ठीक करने के कार्य में जुट गए हैं।

उमस से राहत लेकिन पेयजल का संकट गहराया

इस मानसूनी बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से तो काफी हद तक निजात दिलाई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। मगर दूसरी तरफ, लगातार कई घंटों तक बिजली न आने की वजह से नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। घरों में लगे इन्वर्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ठप हो गए हैं। सबसे बड़ी समस्या पानी की खड़ी हो गई है, ट्यूबवेल और मोटर न चल पाने के कारण स्थानीय निवासियों को पीने के पानी की भारी किल्लत से जूझना पड़ रहा है।

शहरी इलाकों में घंटों बाधित रही आपूर्ति

शहरी क्षेत्र की बात करें तो सिटी उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले रोटी गोदाम फीडर के पास सुबह तड़के ही घरेलू बिजली का तार टूट गया था। लगातार हो रही बूंदाबांदी की वजह से मरम्मत के कार्य में देरी हुई और करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह दस बजे इस फाल्ट को दुरुस्त किया जा सका। इसी तरह दोपहर के समय प्रेमनगर फीडर का जंपर टूटने से सिविल लाइंस, प्रेमनगर, बट्सगंज और वाल्दा कॉलोनी सहित शहर के करीब दस प्रमुख मोहल्लों की बिजली दोपहर एक बजे से तीन बजे तक गायब रही।

सैकड़ों खंभे धराशायी, बहाली के प्रयास जारी

विद्युत वितरण खंडों से मिली जानकारी के अनुसार, बिसवां के भिठौली गांव में एक विशाल पेड़ गिरने से तीन खंभे टूट गए। इसके अतिरिक्त कमलापुर में आठ, रेउसा में चार, हरगांव में पांच और मिश्रिख क्षेत्र में सबसे ज्यादा 12 बिजली के खंभे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस वजह से हजारों ग्रामीणों के घरों में अंधेरा छा गया है। बिजली विभाग की टीमें इस समय प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द लाइनों को चालू कर आपूर्ति बहाल की जा सके।