महिला टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप-2 के बेहद सांसे रोक देने वाले एक बेहद कड़े मुकाबले में श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम ने स्कॉटलैंड को अंतिम ओवर के रोमांच में 3 विकेट से पराजित कर दिया। जीत के लिए मिले 152 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम ने 19.5 ओवरों में 7 विकेट खोकर 154 रन बनाए और जीत अपने पाले में कर ली। इस धमाकेदार जीत के साथ ही श्रीलंका ने न सिर्फ सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है, बल्कि महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार किसी एक सीजन में तीन मुकाबले जीतने का एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करा लिया है। मैच में दबाव के क्षणों में 21 गेंदों पर 21 रनों की सूझबूझ भरी और संकटमोचक पारी खेलने वाली निलाक्षिका सिल्वा को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' के पुरस्कार से नवाजा गया।
स्कॉटलैंड की मजबूत बल्लेबाजी: सारा ब्राइस की आतिशी पारी से खड़ा किया चुनौतीपूर्ण स्कोर
मुकाबले में टॉस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी स्कॉटलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों के खेल में 6 विकेट के नुकसान पर 151 रनों का एक मजबूत और चुनौतीपूर्ण स्कोर बोर्ड पर लगाया। शुरुआत में संभलकर खेलने के बाद स्कॉटिश कप्तान कैथरीन ब्राइस और सलामी बल्लेबाज डार्सी कार्टर ने पारी के स्कोर को गति दी। कार्टर के पवेलियन लौटने के बाद मैदान पर उतरीं सारा ब्राइस ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने महज 33 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 47 रनों की आक्रामक पारी खेली और पारी की अंतिम गेंद पर शानदार चौका जड़कर अपनी टीम को 150 के पार पहुंचाया। श्रीलंका की तरफ से गेंदबाजी में कविशा दिलहारी, मिथाली अयोध्या और सुगंदिका कुमारी ने सटीक लाइन-लेंथ से गेंदबाजी करते हुए महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं।
कप्तान चामरी अट्टापट्टू का पावरप्ले में तूफान, श्रीलंका को मिली आक्रामक शुरुआत
चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को उनकी स्टार कप्तान और सलामी बल्लेबाज चामरी अट्टापट्टू ने विस्फोटक शुरुआत दी। अट्टापट्टू ने स्कॉटलैंड के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करते हुए मात्र 16 गेंदों में 206 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से 33 रन ठोक दिए, जिसमें 6 बेहतरीन चौके और 1 गगनचुंबी छक्का शामिल रहा। उनकी इस आतिशी बल्लेबाजी की बदौलत श्रीलंका ने शुरुआती 6 ओवरों (पावरप्ले) में 2 विकेट पर 65 रन जोड़े, जो इस पूरे विश्व कप टूर्नामेंट में श्रीलंका का अब तक का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर भी रहा। हालांकि, कप्तान अट्टापट्टू के आउट होते ही स्कॉटलैंड की गेंदबाजों ने मैच में जोरदार वापसी की और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर श्रीलंका को बैकफुट पर धकेल दिया।
अंतिम ओवर का हाई-वोल्टेज ड्रामा: चोटिल गेंदबाज और श्रीलंका की खिताबी जीत
मैच के हाफ-वे मार्क यानी 10 ओवरों की समाप्ति पर श्रीलंका का स्कोर 4 विकेट पर 81 रन था, लेकिन स्कॉटलैंड ने अपनी कसी हुई फील्डिंग और कसी गेंदबाजी के दम पर मैच को पूरी तरह फंसा दिया था। 15 ओवर के बाद श्रीलंका की टीम 6 विकेट पर 118 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी और मैच किसी भी तरफ पलट सकता था। आखिरी 6 गेंदों पर श्रीलंका को जीत के लिए कुछ रनों की दरकार थी, लेकिन तभी मैदान पर एक अप्रत्याशित मोड़ आया। स्कॉटलैंड की प्रमुख तेज गेंदबाज रेचल स्लेटर पैर में क्रैम्प्स (मांसपेशियों में खिंचाव) के कारण अपना ओवर पूरा नहीं कर सकीं और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा।
उनकी जगह बची हुई गेंदे फेंकने आईं कामचलाऊ गेंदबाज चटर्जी का फायदा उठाते हुए श्रीलंका की अनुभवी खिलाड़ी सुगंदिका कुमारी ने शॉर्ट थर्ड मैन के पास से एक बेहद खूबसूरत चौका बटोरकर अपनी टीम को 1 गेंद शेष रहते एक यादगार और रोमांचक जीत दिला दी।
श्रीलंकाई टीम के नाम दर्ज हुए दो बड़े ऐतिहासिक रिकॉर्ड
स्कॉटलैंड के खिलाफ मिली इस रोमांचक जीत ने श्रीलंकाई महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है:
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टी20 विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: श्रीलंका ने महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार किसी एक संस्करण के भीतर 3 मैचों में जीत हासिल करने का कीर्तिमान स्थापित किया है।
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सबसे सफल रन चेज: 152 रनों का पीछा कर मिली यह जीत महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में रनों के लिहाज से श्रीलंका की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे सफल रन चेज (सफलतापूर्वक लक्ष्य का पीछा) भी बन गई है।





