मुंबई : शिवसेना के हिंदी मुखपत्र ‘दोपहर का सामना’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह और उनकी पार्टी (भाजपा) लोकसभा चुनाव में उनकी एकतरफा जीत के लिए शिवसेना से मिले योगदान को भूल गए हैं। बहरहाल, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बाद में अखबार में छपे लेख से खुद को अलग कर लिया।

मुखपत्र में संपादक प्रेम शुक्ला द्वारा लिखे गए एक लेख में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा सिर्फ नरेंद्र मोदी की वजह से नहीं जीती। अगर शिवसेना लोकसभा चुनाव से पहले अपना समर्थन वापस ले लेती, जैसा कि भाजपा ने अभी किया (महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन तोड़ कर) तो वह (भाजपा) लोकसभा चुनाव जीत ही नहीं पाती। इसमें कहा गया है कि मोदी ने अपने दम पर चुनाव नहीं जीता। अब जब मोदी प्रधानमंत्री बन गए हैं तो वह शिवसेना को भूल गए। उन्होंने मंत्रिमंडल के गठन के समय यह संकेत दे दिया था। बहरहाल, बाद में शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस लेख से खुद को अलग कर लिया।

पार्टी प्रवक्ता हर्षल प्रधान ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने खुद को लेख से अलग कर लिया है और वह नरेंद्र मोदी के लिए उपयोग किए गए शब्दों से सहमत नहीं हैं। हां, पार्टी कार्यकर्ताओं को गहरा आघात लगा है और निराशा हुई है क्योंकि उन्होंने मोदी की जीत को संभव बनाने के लिए जीतोड़ कोशिश की थी। अब उन्हें लगता है कि उनकी पीठ में छुरा मारा गया क्योंकि भाजपा उसी शिवसेना को खत्म करना चाहती है जिसने महाराष्ट्र में उनकी मदद की थी। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे मोदी का सम्मान करते हैं और उन्होंने लेख में प्रयुक्त भाषा से खुद को अलग कर लिया है।