वाराणसी। देश के चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए आज सुबह आठ बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जो शाम चार बजे तक चलेगी, जबकि मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी। इस चुनाव को लेकर सभी राज्यों में सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है और राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर प्रतिष्ठा की जंग

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कुल 11 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों में आगरा, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी के स्नातक क्षेत्र के साथ-साथ आगरा, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद के शिक्षक क्षेत्र आते हैं। इन सभी सीटों पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र और राजनीतिक प्रभाव वाले गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में गिना जा रहा है, जहां दोनों ही दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। वाराणसी में मतदान को लेकर भाजपा नेता अनिल राजभर ने मतदाताओं से अपने मताधिकार का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है और दावा किया है कि पार्टी के सभी उम्मीदवार भारी अंतर से जीत हासिल करेंगे। इस चुनाव में कई मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

बिहार की आठ सीटों पर डेढ़ सौ उम्मीदवार मैदान में

बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर हो रहे चुनाव के तहत चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों पर वोट डाले जा रहे हैं। इन सीटों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पांच लाख बत्तीस हजार से अधिक मतदाता पात्र हैं। चुनाव मैदान में कुल 150 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनकी राजनीतिक साख दांव पर लगी हुई है।

महाराष्ट्र की पांच सीटों पर महायुति और महाविकास आघाड़ी में टक्कर

महाराष्ट्र के तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हो रहे मतदान में पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक क्षेत्र के अलावा पुणे और अमरावती शिक्षक क्षेत्र शामिल हैं। इन पांचों सीटों के लिए कुल 182 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यहाँ सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी के बीच कड़े मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। नागपुर डिवीजन में भी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान सुबह से ही जारी है और केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

कर्नाटक की चार सीटों पर सियासी समीकरण

कर्नाटक विधान परिषद की जिन चार सीटों पर वोटिंग हो रही है, उनमें दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों में साउथ ईस्ट ग्रेजुएट्स, वेस्ट ग्रेजुएट्स, नॉर्थ ईस्ट टीचर्स और बेंगलुरु टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति के तहत चार में से तीन मौजूदा सदस्यों को दोबारा चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि बेंगलुरु शिक्षक सीट के मौजूदा सदस्य कांग्रेस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। विधान परिषद को राज्य का उच्च सदन माना जाता है, जो कभी भी पूरी तरह भंग नहीं होता और इसका स्थायी स्वरूप होता है। इसके सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और इनका रुतबा भी विधानसभा विधायकों के बराबर ही माना जाता है।