भोपाल। मध्य प्रदेश में इस वर्ष मानसून की औपचारिक विदाई प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी बारिश की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। विशेष रूप से प्रदेश के पश्चिमी अंचल में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी है। जहाँ आम नागरिकों को मानसून की विदाई के बाद मौसम शुष्क होने की उम्मीद थी, वहीं मौसम विज्ञान केंद्र ने एक नया अलर्ट जारी कर साफ कर दिया है कि अभी बारिश से पूरी राहत मिलने की संभावना नहीं है।
प्रदेश में सक्रिय हुआ नया वेदर सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक नया मौसमी तंत्र सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम में अचानक तब्दीली देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने आगामी चौबीस से अड़तालिस घंटों के दौरान मालवा-निमाड़ अंचल के पांच प्रमुख जिलों—अलिराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के लिए वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
अरब सागर से आ रही नमी और चक्रवाती घेरे का प्रभाव
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर से आ रही नमी और क्षेत्र में बने एक चक्रवाती घेरे के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में वर्षा की गतिविधियां अचानक बढ़ गई हैं। इस दौरान तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और वज्रपात होने की भी आशंका है। विभाग के अनुसार, अक्टूबर माह के दौरान होने वाली इस प्रकार की वर्षा को 'पोस्ट-मानसून' बारिश कहा जाता है, जो एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है। आने वाले दिनों में इंदौर, उज्जैन और राजधानी भोपाल सहित अन्य जिलों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।





