पाकिस्तान की राष्ट्रीय टेस्ट टीम से निष्कासित किए जाने के मात्र दो सप्ताह के भीतर ऑलराउंडर सलमान अली आगा ने घरेलू क्रिकेट में ऐतिहासिक पारी खेलकर वापसी का सशक्त दावा पेश किया है। प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के प्रथम दौर में किंग्समेन एकेडमी की ओर से खेलते हुए उन्होंने मार्कहोर आईटी सॉल्यूशंस के विरुद्ध नाबाद 300 रनों की मैराथन पारी खेली। 336 गेंदों का सामना करते हुए अपनी टीम को 7 विकेट पर 565 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में उन्होंने केंद्रीय भूमिका निभाई। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह उनका अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है; इससे पूर्व उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 169 रन था।
तकनीक में सूक्ष्म बदलाव का मिला लाभ
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा जारी एक आधिकारिक वक्तव्य में सलमान अली आगा ने अपनी फॉर्म और रणनीति में किए गए परिवर्तनों पर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि हालिया अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनका प्रदर्शन मानक के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ असफलताओं के उपरांत मैंने अपनी बल्लेबाजी तकनीक में कुछ सूक्ष्म सुधार किए, जो अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हुए। जीवन में इस प्रकार के कीर्तिमान स्थापित करने के अवसर विरले ही प्राप्त होते हैं।"
इंग्लैंड के विरुद्ध टेस्ट शृंखला के दौरान हेडिंग्ले टेस्ट में नियमित कप्तान की अनुपस्थिति में उन्हें नेतृत्व का अवसर मिला था, किंतु अगले ही मैच में उन्हें अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया। तत्पश्चात शृंखला के अंतिम मुकाबले से पूर्व उन्हें स्वदेश वापस भेज दिया गया था।
घरेलू क्रिकेट में सहभागिता अनिवार्य करने की नीति
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में अंतिम पायदान पर मौजूद पाकिस्तान क्रिकेट में निरंतर गिरते स्तर को सुधारने हेतु कठोर कदम उठाए गए हैं। बोर्ड के नवीन केंद्रीय अनुबंध के अंतर्गत ए और बी श्रेणी के अनुबंधित खिलाड़ियों हेतु प्रतिवर्ष न्यूनतम 4 से 6 प्रथम श्रेणी मैच खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। विगत तीन वर्षों में मात्र तीन प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले सलमान अली आगा के लिए यह तिहरा शतक बोर्ड की नई नीति की सार्थकता को भी रेखांकित करता है।
सलमान ने कहा, "किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए अपनी जड़ों यानी घरेलू क्रिकेट की ओर लौटना अत्यंत आवश्यक है। लगभग एक दशक तक घरेलू मैचों में पसीना बहाने के उपरांत ही मुझे राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला था।"
संकट के क्षणों में निभाई संकटमोचक की भूमिका
किंग्समेन एकेडमी ने एक समय मात्र 72 रन के कुल योग पर अपने 3 शीर्ष बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। ऐसी विषम परिस्थितियों में क्रीज पर उतरे सलमान ने मोहम्मद सुलेमान के साथ चतुर्थ विकेट हेतु 274 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी निभाकर मैच का पासा पलट दिया। सुलेमान ने भी शानदार शतकीय पारी खेली।
चुनौतीपूर्ण समय में परिवार को समर्पित की उपलब्धि
इस ऐतिहासिक तिहरे शतक को अपने परिवार को समर्पित करते हुए सलमान ने कहा कि पिछला कुछ समय उनके खेल जीवन का अत्यंत कठिन दौर था, जिसमें परिजनों का सहयोग अतुलनीय रहा। अब उनके समक्ष मुख्य चुनौती इस निरंतरता को बनाए रखते हुए पुनः राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की करने की होगी।





