इंदौर: मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) का संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। इंदौर के एक निजी चिकित्सा संस्थान में पिछले 10 दिनों से उपचाराधीन एक महिला ने गुरुवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका एक शासकीय चिकित्सक की पत्नी थीं। प्रदेश में इस सीजन में स्वाइन फ्लू के कारण मौत का यह दूसरा मामला सामने आया है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

शाजापुर की निवासी थीं मृतका, 1 सितंबर को हुई थी संक्रमण की पुष्टि

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला शाजापुर जिले के आदित्य नगर की रहने वाली थीं। उन्हें 28 अगस्त से लगातार तेज बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत थी। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया था। 1 सितंबर को आई लैब जांच रिपोर्ट में उनमें H1N1 वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है।

उज्जैन की वृद्धा की हुई थी स्वाइन फ्लू से पहली मौत

इससे पूर्व, उज्जैन के ऋषि नगर निवासी 60 वर्षीया सरोज नागर की इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। गंभीर अवस्था में उन्हें उज्जैन से इंदौर रेफर किया गया था, जहां करीब 16 दिनों तक उनका सघन उपचार चला। जांच में H1N1 पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह इस सीजन में मध्य प्रदेश के भीतर स्वाइन फ्लू से पहली आधिकारिक मौत दर्ज की गई थी।

स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण और स्वास्थ्य विभाग की परामर्श

चिकित्सकों के अनुसार, H1N1 वायरस से बचाव के लिए शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है:

  • मुख्य लक्षण: तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, अत्यधिक थकान, सिरदर्द, बहती या बंद नाक और पेट संबंधी समस्याएं।

  • बचाव व सावधानियां: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और पूर्व से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करने, लक्षण दिखने पर स्वतः दवा (Self-medication) लेने के बजाय तत्काल चिकित्सीय परामर्श और जांच कराने की हिदायत दी गई है।