जालना। महाराष्ट्र के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन का गुरुवार को पांचवां दिन पूरा हो गया। इस बीच राज्य सरकार के मंत्रियों राधाकृष्ण विखे पाटिल और उदय सामंत ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान मराठा आरक्षण के विषय पर सरकार का पक्ष सामने रखा। उन्होंने बताया कि शिंदे समिति एक बार फिर अंतरवाली सराटी जाकर जरांगे पाटिल से वार्ता करेगी।

मंडल आयोग को लेकर शरद पवार पर साधा निशाना

पत्रकारों से चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के मुखिया शरद पवार पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा यदि मराठा समुदाय को मंडल आयोग में शामिल कर लिया गया होता, तो आज यह संकट खड़ा ही नहीं होता। उन्होंने उस दौर के फैसले को मराठा समाज के साथ अन्याय बताया और कहा कि वर्तमान महायुति सरकार इस पुरानी भूल को सुधारने की दिशा में काम कर रही है।

मनोज जरांगे पाटिल का कड़ा पलटवार

विखे पाटिल की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि सरकार पुरानी बातों का हवाला देकर राजनीति करने का प्रयास न करे। उन्होंने कहा कि यदि पूर्ववर्ती सरकारों ने नुकसान पहुंचाया, तो मौजूदा सरकार ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। दूसरों पर आरोप मढ़ने के बजाय सरकार को तुरंत सिफारिश भेजकर मराठा समाज को आरक्षण दिलाना चाहिए। जरांगे पाटिल ने स्पष्ट किया कि वे 12 तारीख तक सरकार के कदम का इंतजार करेंगे।

सरकारी जीआर लाने की रखी शर्त

जरांगे पाटिल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि मराठा आरक्षण के मार्ग में बाधा बनने वाले किसी भी नेता को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हों, देवेंद्र फडणवीस हों या अजित पवार। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार का कोई प्रतिनिधिमंडल उनसे चर्चा करने आता है, तो उसे केवल मौखिक आश्वासन देने के बजाय सीधे सरकारी निर्णय (GR) लेकर आना होगा।

10 से 17 सितंबर तक विशेष राजस्व अभियान

मंत्रियों ने यह भी घोषणा की कि 10 सितंबर से 17 सितंबर तक पूरे प्रदेश में 'छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व अभियान' का आयोजन किया जाएगा। इस सात दिवसीय विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य कुणबी जाति प्रमाण पत्र के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों का त्वरित निस्तारण करना और पात्र मराठा परिवारों को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा।