प्रेम जीवन की परम समाधि है. प्रेम ही शिखर है जीवन ऊर्जा का. वही गौरीशंकर है जिसने प्रेम को जाना, उसने सब जान लिया. जो प्रेम से वंचित रह गया, वह सभी कुछ से वंचित रह गया। प्रेम की भाषा को ठीक से समझ लेना जरूरी है। प्रेम के शास्त्र...
Published on 09/09/2022 6:15 AM





