मुंबई:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे को लेकर राजनीति गरमा गई है। संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत अमेरिका पहुंचे भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस आयोजन को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर के रुख के बाद भारत के राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है।

न्यूयॉर्क के मेयर के बयान पर सियासत

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस कार्यक्रम का समर्थन करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं। उनके इस बयान के बाद देश में राजनीतिक दलों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

कांग्रेस ने उठाए सवाल और फंडिंग पर चर्चा

कांग्रेस नेता नाना पटोले ने मोहन भागवत के अमेरिका दौरे और संघ की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ देश या महाराष्ट्र में पंजीकृत नहीं है और एनजीओ की आड़ में काम कर रहा है। पटोले ने इसके फंड और खातों के ऑडिट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

शिवसेना (UBT) और शिंदे सेना की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने विरोध पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन विदेश में किसी भारतीय प्रमुख का अपमान पूरे देश का अपमान है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) की प्रवक्ता शाइना एनसी ने मेयर ममदानी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरएसएस से जुड़ी संस्थाओं ने अमेरिका में आपदा और कोरोना संकट के दौरान सराहनीय कार्य किए हैं, और वहां रह रहे भारतीय मूल के लोग अमेरिका के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं।

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होगा मुख्य कार्यक्रम

‘अहेड फोरम’ के बैनर तले आयोजित होने वाले ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ का मुख्य संदेश ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी ‘दुनिया एक परिवार है’ की भावना पर आधारित है। मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले इस कार्यक्रम में मोहन भागवत के मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने और हजारों लोगों को संबोधित करने की उम्मीद है। यह दौरा संघ के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा है।