जामनगर | गुजरात के जामनगर जिले में स्थित खिजडिया पक्षी अभयारण्य में किए गए एक ताज़ा वैज्ञानिक अध्ययन में ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क (काली गर्दन वाले सारस) के लिए इस क्षेत्र को एक अत्यंत अनुकूल और महत्वपूर्ण प्रजनन स्थल के रूप में पाया गया है। अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित इस शोध से इस दुर्लभ पक्षी के संरक्षण और व्यवहार से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क के प्रजनन में शानदार सफलता

अध्ययन के दौरान अभयारण्य में ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क की प्रजनन क्षमता बेहद उत्कृष्ट पाई गई। शोध में निरीक्षण के दायरे में लाए गए चारों सक्रिय घोंसलों से बच्चे पूरी तरह सुरक्षित बाहर आए, जिससे शत-प्रतिशत सफलता दर दर्ज की गई। वैज्ञानिकों द्वारा 320 घंटे से अधिक समय तक किए गए अवलोकन में पाया गया कि प्रत्येक जोड़े ने सफलतापूर्वक दो-दो बच्चों का पालन-पोषण किया, जिससे कुल आठ नए बच्चे दर्ज किए गए। इसके अलावा अन्य वयस्कों को मिलाकर अभयारण्य में इस पक्षी की कुल संख्या 21 से अधिक आंकी गई।

आवास की विशेषताएं और घोंसले की स्थिति

शोधकर्ताओं के अनुसार, इस पक्षी के सभी चारों घोंसले बबूल के पेड़ों पर जमीन से करीब तीन से साढ़े चार मीटर की ऊंचाई पर बनाए गए थे। ये सभी घोंसले ऐसे उथले पानी वाले क्षेत्रों के नजदीक स्थित थे जहाँ पानी की गहराई लगभग 0.3 से 0.7 मीटर के बीच थी। इन स्थानों पर प्रचुर मात्रा में जलीय जीव और भोजन आसानी से उपलब्ध होने के साथ-साथ मानवीय हस्तक्षेप भी बहुत कम था, जो इन पक्षियों के प्रजनन के लिए एकदम अनुकूल वातावरण तैयार करता है।

मजबूत पितृत्व और माता-पिता की देखभाल

अध्ययन में ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क के माता-पिता की मजबूत जिम्मेदारी और अद्भुत समन्वय को भी रेखांकित किया गया है। वयस्क पक्षी बारी-बारी से घोंसले की रखवाली करते थे और भोजन की तलाश के लिए जाने वाली उड़ानों के दौरान भी एक-दूसरे की पूरी मदद करते थे। घोंसले छोड़ने या शिकारियों द्वारा हमला किए जाने की एक भी घटना दर्ज नहीं की गई, जो इस बात का प्रमाण है कि अभयारण्य का शांत और संरक्षित माहौल इन वन्यजीवों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।