पुणे राहुल गांधी के पुणे में होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से ठीक पहले सियासी घमासान मच गया है। बीजेपी ने कांग्रेस पर कार्यक्रम में छात्रों को पैसे देकर भीड़ जुटाने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

बीजेपी के गंभीर आरोप और 'रेट कार्ड' का दावा

बीजेपी विधायक राम कदम ने आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम में छात्रों को जुटाने के लिए एक 'रेट कार्ड' तैयार किया गया है, जिसके तहत छात्रों को पैसे देकर लाने की बात कही जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्र पैसे लेकर पहुंच रहे हैं, तो राहुल गांधी के साथ उनकी बातचीत कितनी वास्तविक होगी। हालांकि, इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 कांग्रेस का पलटवार

बीजेपी के इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता यशोमती चंद्रकांत ठाकुर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास छात्रों को पैसे देने के लिए धन ही नहीं है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी के बैंक खाते देखे जा सकते हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि इस कार्यक्रम को लेकर युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और लोग अपनी इच्छा से इसमें शामिल हो रहे हैं।

 COEP हॉस्टल में ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं की झड़प

पैसे देने के आरोपों और सियासी तनाव के बीच पुणे के COEP हॉस्टल में एबीवीपी (ABVP) और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा।

  • NSUI का पक्ष: कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एबीवीपी से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम का समर्थन करने वाली दो छात्राओं को हॉस्टल में रोककर उनके साथ बदसलूकी की, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

  • ABVP का पक्ष: दूसरी ओर, एबीवीपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के लोग हॉस्टल के छात्रों पर कार्यक्रम के लिए जबरन रजिस्ट्रेशन कराने और शामिल होने का दबाव बना रहे थे।

 पुलिस कार्रवाई और बढ़ता सियासी पारा

इस हंगामे के बाद शिवाजीनगर पुलिस ने एबीवीपी की शिकायत पर 50 से 60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस से जुड़े छह लोगों के नाम भी शामिल हैं। एक तरफ जहां पैसों के लेन-देन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है, वहीं दूसरी तरफ इस हिंसक झड़प ने कार्यक्रम से पहले माहौल को और गरमा दिया है।