रियाद। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को सऊदी अरब के जजान स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी की एक फैसिलिटी पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली है। हूतियों का दावा है कि यह हमला यमन के कुछ क्षेत्रों में हुई ड्रोन घुसपैठ के जवाब में किया गया है।

सऊदी अरामको रिफाइनरी में आग और नियंत्रण

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, जजान में स्थित अरामको की एक औद्योगिक फैसिलिटी में आग लगने की घटना सामने आई थी। हालांकि, सऊदी अरामको की सुरक्षा और दमकल टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी के भी हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और हालिया समझौते

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब लाल सागर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। कुछ समय पूर्व ही सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला होने पर उसे तीनों देशों पर हमला माना जाता है। हालांकि, ताजा हमले और इस नए रक्षा समझौते के बीच सीधे संबंध को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।