तेहरान/दुबई: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा सैन्य टकराव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे और होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इस भीषण संघर्ष में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है, जबकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं।
अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर ईरान का बड़ा हमला
ईरान के विशिष्ट सैन्य संगठन 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया है। ईरानी सेना के अनुसार, इस हमले में अमेरिकी सैन्य अड्डे के ईंधन डिपो में भीषण आग लग गई। इसके अलावा, पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली के रडार, एयर कंट्रोल रडार, सी-रैम (C-RAM) अर्ली वार्निंग सिस्टम और मानव रहित जहाजों के नियंत्रण केंद्र को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इसे अमेरिका के हमलों का करारा जवाब बताया है, हालांकि अमेरिकी प्रशासन और बहरीन ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
होर्मुज जलमार्ग में तेल टैंकरों पर हमला, भारतीय नाविक की मौत
इस तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलमार्ग से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो बड़े तेल टैंकरों 'मोम्बासा' और 'बहिया' पर क्रूज मिसाइलें दाग दीं। हमले के बाद दोनों जहाजों में भयंकर आग लग गई। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में मोम्बासा जहाज पर तैनात एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि चार भारतीयों और दो यूक्रेनियनों सहित आठ अन्य नाविक गंभीर रूप से घायल हो गए। यूएई ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है और आत्मरक्षा में ईरान को उचित जवाब देने की चेतावनी दी है।
अमेरिकी कार्रवाई और नाकेबंदी से भड़का विवाद
इस संघर्ष की शुरुआत मंगलवार तड़के तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। वाशिंगटन ने स्पष्ट किया कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए दोबारा नाकेबंदी लागू कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है और समुद्री सुरक्षा का खर्च अब इसका लाभ उठाने वाले अन्य देशों से वसूला जाएगा। अमेरिका की इस आक्रामक नाकेबंदी के तुरंत बाद ईरान ने पलटवार करते हुए यूएई और बहरीन की दिशा में हमले तेज कर दिए।
वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप, कीमतों में भारी उछाल
खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनने से दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में हड़कंप मच गया है। दुनिया के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के करीब 20 प्रतिशत हिस्से की आपूर्ति करने वाले इस समुद्री रास्ते में तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमतें दो प्रतिशत से अधिक बढ़कर 84 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जो एक महीने का उच्चतम स्तर है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है या होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह बाधित होता है, तो वैश्विक स्तर पर ईंधन और माल ढुलाई महंगी होने से दुनिया भर में महंगाई का नया संकट खड़ा हो सकता है।





