अलवर। राजस्थान के अलवर शहर से कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सदर थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के बेखौफ अपराधियों ने जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के आवास पर धावा बोल दिया। सुबह करीब 6 बजे कट्टे और अन्य हथियारों से लैस तीन नकाबपोश लुटेरे घर में घुस आए। इसके बाद बदमाशों ने असिस्टेंट कमिश्नर, उनकी पत्नी उर्मिला और उनके 13 वर्षीय बेटे प्रिंस को गनपॉइंट पर ले लिया और करीब डेढ़ घंटे तक पूरे परिवार को बंधक बनाकर रखा।

मासूम पर हमला और परिवार को धमकी

लूटपाट की इस वारदात के दौरान जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध करने की कोशिश की, तो अपराधियों ने क्रूरता दिखाते हुए 13 साल के बच्चे प्रिंस के सिर पर बैट (बल्ले) से जोरदार वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लुटेरों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की और महिला को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी देकर डराया-धमकाया। इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम के दौरान राहत की बात यह रही कि घर में सो रही उनकी 8 साल की छोटी बेटी नव्या की नींद नहीं खुली, जिससे वह इस खौफनाक मंजर और बदमाशों की नजरों से सुरक्षित बच गई।

लाखों की डकैती और स्कूल बस ड्राइवर को झांसा

अपराधियों ने पूरे मकान को खंगालते हुए अलमारी में रखे करीब 20 तोला सोने-चांदी के आभूषण और 30 से 40 हजार रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इतना ही नहीं, जाते-जाते उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी के कान के कुंडल और पैरों की पायल भी जबरन उतरवा ली। सुबह करीब सवा 7 बजे जब बच्चों को लेने के लिए स्कूल बस घर के बाहर आकर रुकी, तो एक शातिर बदमाश ने बाहर निकलकर ड्राइवर से कह दिया कि आज बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे, जिसके बाद बस वहां से रवाना हो गई।

पड़ोस के सूने मकान से एंट्री और पुलिस की तफ्तीश

वारदात को अंजाम देकर जब लुटेरे फरार हो गए, तो पीड़ित परिवार ने किसी तरह खुद को आजाद किया और तुरंत पड़ोसियों सहित पुलिस को इस डकैती की सूचना दी। सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब जांच शुरू की, तो पता चला कि बदमाश रात के वक्त पड़ोस में स्थित एक खाली मकान के जरिए छत पर चढ़े थे और सुबह मुख्य दरवाजा खुलते ही भीतर दाखिल हो गए। फिलहाल पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ नाकाबंदी कर बदमाशों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।