लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इन दिनों भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार हो रहे अग्निकांडों से दहल उठी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में पिछले कई दिनों से लग रही आग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला शुक्रवार को शहर के व्यस्ततम इलाके खुर्रमनगर से सामने आया है, जहां एक पेट्रोल पंप के बिल्कुल नजदीक संचालित हो रही कैंटीन में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरातफरी और भगदड़ का माहौल बन गया।

गौर करने वाली बात यह है कि लखनऊ में आग लगने का यह खौफनाक सिलसिला बीती 22 जून से लगातार जारी है। सबसे पहले अलीगंज के एक बड़े व्यावसायिक भवन में भीषण आग लगी थी, जिसके बाद चिनहट के एक कोल्ड स्टोरेज व स्टे होम और फिर विकास नगर में एक दुकान आग की चपेट में आ गई थी। इन हादसों से लोग उबरे भी नहीं थे कि शुक्रवार को खुर्रमनगर की इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की रातों की नींद उड़ा दी है।

पेट्रोल पंप से महज 25-30 मीटर की दूरी पर थी कैंटीन, लग सकता था मलबे का ढेर

शुक्रवार दोपहर को जब खुर्रमनगर स्थित पेट्रोल पंप के पास बनी कैंटीन से अचानक धुएं का गुबार और आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं, तो वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। इस घटना ने इसलिए सबसे ज्यादा डराया क्योंकि जिस कैंटीन में आग लगी थी, वहां से पेट्रोल पंप की वास्तविक दूरी मात्र 25 से 30 मीटर थी।

बड़ा खतरा टला: पेट्रोल पंप के इतने नजदीक आग लगने के कारण एक बहुत बड़ा ब्लास्ट (विस्फोट) होने का सीधा खतरा मंडरा रहा था। अगर आग की एक भी चिंगारी पेट्रोल टैंक या डिस्पेंसिंग मशीन तक पहुंच जाती, तो आसपास का पूरा रिहायशी और व्यावसायिक इलाका मलबे के ढेर में तब्दील हो सकता था और सैकड़ों जानें जा सकती थीं। स्थानीय सजग नागरिकों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम को दी।

दमकल कर्मियों ने जान पर खेलकर किया रेस्क्यू, समय रहते पाया काबू

आग की संवेदनशीलता और पेट्रोल पंप के खतरे को देखते हुए दमकल की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ तुरंत फायर टेंडर्स लेकर मौके पर रवाना हुई। दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचते ही मोर्चा संभाला और चारों तरफ से घेराबंदी कर आग को पेट्रोल पंप की दिशा में बढ़ने से रोका।

दमकल की गाड़ियों ने बिना समय गंवाए पानी की बौछारें शुरू कीं और बेहद जोखिम भरे माहौल में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। फायर फाइटर्स की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से आग पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंच सकी, जिससे लखनऊ एक बेहद भयानक और ऐतिहासिक हादसे का गवाह बनने से बाल-बाल बच गया।

अवैध रूप से चल रही थी कैंटीन, सीएफओ लखनऊ ने दिए कड़े जांच के आदेश

हादसे पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए चीफ फायर ऑफिसर (CFO) लखनऊ ने आम जनता को राहत देते हुए बताया कि दमकल विभाग की सूझबूझ से आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया है और सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि (कोई हताहत या घायल) नहीं हुई है।

कड़ी कार्रवाई की तैयारी: हालांकि, सीएफओ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पेट्रोल पंप जैसी संवेदनशील जगह के इतने करीब इस तरह की गतिविधि कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। विभाग अब इस बात की गहन वैज्ञानिक जांच कर रहा है कि आग लगने के वास्तविक कारण (शॉर्ट सर्किट या गैस सिलेंडर लीकेज) क्या थे। इसके साथ ही, यह भी बात सामने आई है कि यह कैंटीन बिना किसी वैध फायर एनओसी (NOC) और प्रशासनिक अनुमति के अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। जिला प्रशासन और फायर विभाग इस अवैध संचालन की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और कैंटीन को पूरी तरह सील करने की तैयारी में है।