नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े अंतरराज्यीय खुफिया ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) समर्थित आतंकी और हथियार तस्करी नेटवर्क का सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली और पंजाब के विभिन्न इलाकों से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे इशारे पर देश की राजधानी में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इनके पास से तुर्की निर्मित घातक 'जिगाना पिस्टल' (Zigana Pistol) समेत दो विदेशी पिस्टल, नौ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

ड्रोन से हथियार और ड्रग्स की खेप मंगाता था नेटवर्क

स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त (DCP) प्रवीण कुमार त्रिपाठी के अनुसार, एसीपी विवेक कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर सतीश राणा और इंस्पेक्टर अशोक की टीम को पुख्ता तकनीकी और खुफिया इनपुट मिले थे। इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठा आईएसआई का मुख्य हैंडलर शाहजाद भट्टी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में हमले की योजना बना रहा था। इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने पंजाब के स्थानीय युवाओं को बरगलाकर अपने जाल में फंसाया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जब छापेमारी की, तो सबसे पहले पंजाब के अमृतसर (मजीठा रोड) से शुभदीप सिंह उर्फ विशाल को दबोचा गया। शुभदीप ने कबूल किया कि वह ड्रोन के जरिए सीमा पार से आने वाले हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप रिसीव करता था।

हथियारों की बरामदगी और साथियों की गिरफ्तारी

शुभदीप से मौके पर एक सेमी-आटोमैटिक पिस्टल, पांच कारतूस और दो मोबाइल मिले। उसकी निशानदेही और सघन पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पंजाब से उसके दो और साथियों—गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि और साजन सिंह उर्फ हनी को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से अत्याधुनिक तुर्की मेड 'जिगाना पिस्टल' और चार कारतूस बरामद किए गए। इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए स्पेशल सेल ने नेटवर्क के चौथे सदस्य गगनप्रीत को देश की राजधानी दिल्ली से ही गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

धार्मिक स्थलों और पुलिस चौकियों की रेकी, वीडियो पाक भेजे

जांच में गगनप्रीत को लेकर सबसे चौंकाने वाला और खतरनाक खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने गगनप्रीत को दिल्ली के संवेदनशील ठिकानों की टोह लेने की जिम्मेदारी सौंपी थी। वह अब तक दिल्ली के कई महत्वपूर्ण पुलिस स्टेशनों, पुलिस पिकेट्स (चौकियों) और प्रमुख धार्मिक स्थलों की विस्तृत रेकी (Reconnaissance) कर चुका था। उसने इन सभी सुरक्षा और संवेदनशील स्थलों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजे थे। यही नहीं, उसे दिल्ली के किसी व्यस्त या भीड़भाड़ वाले इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत और सांप्रदायिक तनाव फैलाने का सीधा टास्क भी दिया गया था, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अन्य आपत्तिजनक और देश-विरोधी डिजिटल सबूत भी मिले हैं।