राजकोट:गुजरात की जानी-मानी कंपनी सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड अपने आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) से ठीक पहले बाजार में बड़ा दांव खेलने में कामयाब रही है। कंपनी ने अपने प्री-आईपीओ राउंड के तहत लगभग 150 करोड़ रुपये का बड़ा फंड जुटाया है। यह फंड प्रमोटर ग्रुप के एक सदस्य द्वारा अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेचने के जरिए जुटाया गया है। कंपनी से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रमोटर ग्रुप के सदस्य धर्मशीभाई मोहनभाई बेडिया ने एक सेकेंडरी सेल के माध्यम से जाने-माने निवेशक रियाज सुतरवाला को 73 लाख 15 हजार 288 इक्विटी शेयर ट्रांसफर किए हैं। यह पूरा सौदा 205.05 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की तय कीमत पर पूरा हुआ है, जिससे इसकी कुल वैल्यू 150 करोड़ रुपये बैठती है। इस रणनीतिक खरीद के बाद अब कंपनी की प्री-ऑफर इक्विटी शेयर कैपिटल में रियाज सुतरवाला की कुल हिस्सेदारी 2.59 प्रतिशत हो गई है।
सेबी से मिल चुकी है हरी झंडी, 1400 करोड़ रुपये जुटाने का है लक्ष्य
सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स ने बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के पास पिछले साल अगस्त में अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) जमा कराया था, जिसे नवंबर 2025 में सेबी की तरफ से अंतिम मंजूरी भी मिल चुकी है। जब यह ड्राफ्ट दाखिल किया गया था, तब धर्मशीभाई मोहनभाई बेडिया के पास कंपनी की 7.86 प्रतिशत और उनके बेटे विनीत धर्मशीभाई बेडिया के पास 48.99 प्रतिशत की सबसे बड़ी हिस्सेदारी थी। अब कंपनी इस आईपीओ के जरिए बाजार से करीब 1,400 करोड़ रुपये तक जुटाने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित इश्यू के तहत कंपनी 1,000 करोड़ रुपये मूल्य के बिल्कुल नए इक्विटी शेयर जारी करेगी, जबकि प्रमोटर विनीत धर्मशीभाई बेडिया की ओर से 400 करोड़ रुपये तक का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) लाया जाएगा, जिसके जरिए वे अपनी कुछ हिस्सेदारी जनता के लिए पेश करेंगे।
पंप से लेकर इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स तक, 17 देशों में फैला है कारोबार
गुजरात के राजकोट मुख्यालय वाली यह कंपनी मुख्य रूप से 'सिल्वर' और 'बेडिया' नाम के दो बड़े और स्थापित ब्रांड्स के जरिए अपना बिजनेस चलाती है। कंपनी अपने 'सिल्वर' ब्रांड के तहत कृषि और उद्योगों के लिए काम आने वाले पंप, हैवी मोटर और खेती के आधुनिक उपकरण तैयार करती है। वहीं दूसरी तरफ, 'बेडिया' ब्रांड के अंतर्गत घरों में इस्तेमाल होने वाले पंखे, कंसील्ड लाइटें, रूम हीटर, मिक्सर ग्राइंडर और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स का निर्माण किया जाता है। कंपनी अपने विशाल इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के दम पर घरेलू, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों को पूरा कर रही है। इस आईपीओ से मिलने वाली नई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा कर्ज के बोझ को कम करने और सामान्य कॉर्पोरेट कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए करेगी। वर्तमान में कंपनी का नेटवर्क भारत के बाहर 17 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है, जहां ये अपने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करते हैं। सामाजिक जिम्मेदारी के स्तर पर भी कंपनी की भूमिका बड़ी है, क्योंकि इसके कुल कार्यबल में 700 से अधिक महिला कर्मचारी शामिल हैं।
दिग्गज निवेशकों और पांड्या ब्रदर्स का लगा है बड़ा पैसा
इस कंपनी की वित्तीय मजबूती का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसमें देश के कई बड़े दिग्गजों का पैसा लगा हुआ है। अगस्त 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, मशहूर एंजेल इनवेस्टर और प्लूटस वेल्थ मैनेजमेंट के मैनेजिंग पार्टनर अर्पित खंडेलवाल इसके सबसे बड़े शेयरहोल्डर रहे हैं, जिनकी कंपनी में 26.79 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी और उन्होंने जनवरी 2023 से ही इसमें निवेश शुरू कर दिया था। इनके अलावा, भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या और उनके भाई क्रुणाल पांड्या ने भी इस कंपनी पर बड़ा भरोसा जताया है। क्रुणाल पांड्या के पास कंपनी के 1.1 प्रतिशत शेयर हैं, जबकि हार्दिक पांड्या की इसमें 0.017 प्रतिशत की हिस्सेदारी है और वे वर्तमान में इस कंपनी के मुख्य ब्रांड एंबेसडर भी हैं। साथ ही, शेयर बाजार की दिग्गज निवेशक मधु केला की पत्नी माधुरी मधुसूदन केला की भी इसमें 0.62 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही है। इस मेगा आईपीओ को पूरी तरह सफल बनाने और मैनेज करने के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स को लीड मर्चेंट बैंकर के रूप में नियुक्त किया गया है, जो इस पूरे इश्यू की कमान संभालेंगे।





