लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना' चलाई जा रही है। इस जनकल्याणकारी योजना के अंतर्गत पशुपालकों को दो उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायें खरीदने पर सरकार की तरफ से अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी (अनुदान) दी जाएगी। इस कदम से न सिर्फ राज्य में दूध की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि पारंपरिक डेयरी व्यवसाय को भी एक नई दिशा मिलेगी।
महिला और पुरुष पशुपालकों को मिलेगा बराबर मौका
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके पांडे ने योजना की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में कुल 28 पशुपालकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए इस लक्ष्य में 14 महिला और 14 पुरुष पशुपालकों को शामिल किया गया है। योजना के तहत योग्य और इच्छुक लाभार्थियों का अंतिम चयन दुग्ध विकास विभाग द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा।
बाहरी राज्यों से लानी होंगी इन उन्नत नस्लों की गायें
योजना के नियमों के मुताबिक, आवेदन करने वाले गोपालकों को दूसरे राज्यों से उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी नस्ल की गायें खरीदनी होंगी। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नस्लें शामिल हैं:
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गिर
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साहीवाल
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थारपारकर
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हरियाणा नस्ल
इन गायों को खरीदने में आने वाली कुल लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी।
कैसे करें आवेदन?
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जो भी पशुपालक या किसान इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक हैं, वे 'नंद बाबा दुग्ध मिशन' के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन दर्ज करा सकते हैं। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और पात्रता संबंधी शर्तें पोर्टल पर उपलब्ध हैं।





