गुवाहाटी : राज्यों में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में पिछली कमियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने वहां 20,000 करोड रुपये की सडक परियोजनाएं शुरु करने की आज घोषणा की. इसके अलावा क्षेत्र में इस साल के अंत तक अंतर्देशी जलमार्गों का भी विकास किया जाएगा.

केंद्रीय सडक परिवहन, राजमार्ग और पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, इस वर्ष दिसंबर के अंत तक हम पूर्वोत्तर क्षेत्र में 20,000 करोड रुपये की सडक परियोजनाओं का ठेका जारी कर देंगे. ये परियोजनाएं इस तरह फैली होंगी ताकि पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार हो. इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को पूरा होने में लम्बा समय लगेगा.  इन्हें सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों, निजी फर्मों और सरकारी निजी भागीदारी के माध्यम से पूरी की जाएंगी.
 
मंत्री के अनुसार इनमें से 6,000 करोड रुपये की सड़क परियोजनाएं अरुणाचल प्रदेश, तथा 8,000 करोड रुपये की असम के लिए होंगी. बाकी क्षेत्र के अन्य हिस्सों में विकसित की जाएंगी.
 
इस समय पूर्वोत्तर क्षेत्र में 104 परियोजनाओं के तहत कुल 3,700 किलो मीटर सडक मार्ग के विकास का काम चल रहा है. इन पर 31,025 करोड रुपये का अनुमानित खर्च होगा. इस काम में काम 10 फर्में लगी हैं.
 
गडकरी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र की राज्य सरकारों से सडक परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि और पर्यावरण मंजूरी का प्रबंध पहले कर के रखने की अपील की ताकि उनका मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकार (एनएचएआई) इन परियोजनाओं पर काम तेजी से शुरु कर सकें. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इन परियोजनाओं के काम में स्थानीय ठेकेदारों को प्रोत्साहित करने के लिए परियोजनाओं का आकार छोटा रखेगी. इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढेंगे और परियोजनाओं की अडचन कम होगी.
 
गडकरी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में आंतरिक जलमार्गों के विकास के बारे में कहा कि सरकार जल्दी ही एक विधेयक लाएगी जिसमें इस क्षेत्र के 13 नदियों में 13 और जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग के रप में विकसित करने के प्रावधान होंगे. इनमें बराक, लोहित, सुवर्णसिरी, गंगाधर, आई, बेकी, पुतिमारी, दिहिंग, धरसिरी, दिखोव, दोयांग और त्लावंग नदी के खंड शामिल होंगे.
 
मंत्री ने यह भी कहा कि गुवाहाटी के पांडू में पोतों मरम्मत के कारखने का निर्माण अक्तूबर से शुरु हो जाएगा. उन्होंने कहा, हम वहां एक सूखी गोदी बनाएंगे. उस पर 50 करोड रुपये की लागत आएगी. उन्होंने क्षेत्र के सभी पृथकतावादी गुटों से हिंसा की राह छोड कर मुख्य धारा के जीवन से जुडने की अपील की ताकि वे भी विकास यात्रा के सहयात्री बन सके.
 
गडकरी ने यह भी कहा कि उनके मंत्रालय ने 95 लाख टन सीमेंट की बुकिंग 120 रुपये प्रति बोरी की अपेक्षाकृत सस्तीदर पर की है. इसमें परिवहन खर्च और कर शामिल नहीं है. इसमें से 1.5 लाख टन की बिक्री हो चुकी है.
 
उन्होंने कहा , मैं राज्य सरकारों से अनुरोध करता हूं कि यदि वे कोई निर्माण कार्य करा रही हैं तो सीमेंट हमसे खरीदें यह बाजार दर से बहुत सस्ती है. इससे निर्माण लागत कम होगी.