कोविड से ठीक हुए मरीजों में वायरल बुखार बहुत तेजी से असर कर रहा है। कोविड को मात दे चुके 60 से अधिक उम्र के लोगों में वायरल फीवर अधिक दिनों तक रहने पर मेमोरी लॉस की शिकायत भी देखने को मिल रही है। रिम्स में तीन से चार मरीज ऐसे भर्ती हैं, जिनके परिजनों के अनुसार मरीजों में तेज बुखार देखने को मिल रहे हैं। साथ ही मरीज अपने परिजनों को भी पहचान नहीं पा रहे हैं।

रिम्स के मेडिसीन विभाग के चिकित्सक डॉ संजय सिंह ने बताया कि ऐसे मरीज बहुत आ रहे हैं, लंबे दिनों तक बुखार भी रह रहा है। उन्होंने कहा कि इसे मेमोरी लॉस के बजाय दिमागी संतुलन बिगड़ना कहना चाहिए। इसे मेडिकल साइंस की भाषा में कोगनिटिव इंपेयरमेंट कहा जाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि ऐसे ही लक्षण के साथ एक मरीज भर्ती है, जिसकी कई तरह की जांच करायी गई। इलेक्ट्रालाइटिक्स जैसी जांच में निगेटिव मिलने पर जापानी इंसेफलाइटिस का टेस्ट कराया गया तो मरीज पॉजिटिव मिला। हालांकि उन्होंने बताया कि शरीर में सोडियम की कमी या अधिकता से भी मरीजों के दिमागी संतुलन पर असर पड़ता है। साथ ही डॉक्टर संजय कुमार ने कहा कि ऐसे मामलों में बहुत परेशान होने की भी जरूरत नहीं है, दवाई से ठीक हो जाता है। बुखार खत्म होने के बाद मेमोरी लॉस की भी समस्या दूर हो जाती है।