
सहारनपुर । वन विभाग सहारनपुर ने एनएचएआई द्वारा सीधे विभागीय स्तर पर भूमि हस्तांतरित नहीं होने पर दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 709 बी फेज-2 के निर्माण पर रोक लगा दी है। निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने से रामपुर मनिहारन में ओवर ब्रिज और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का काम भी प्रभावित हो गया है। इस कार्यवाही से एनएचएआई के अधिकारी भी सकते में आ गए हैं। सामाजिक वानिकी प्रभाग सहारनपुर द्वारा वन भूमि उपशा को हस्तांतरित किया गया था। इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा गत 31 मई 2013 द्वारा सैद्धांतिक अनुमति के बाद गत 26 मई 2014 को विधियां स्वीकृति निर्गत की गई थी। उपशा को उक्त भूमि पूर्व में हस्तांतरित भूमि पर एनएचएआई द्वारा समीकरण का कार्य किया जा रहा है, जो नियम के विरुद्ध है। उपशा को पूर्व में हस्तांतरित किसी संरक्षित वन भूमि पर यदि एनएचएआई द्वारा कार्य कराया जाता है, तो इसक लिए नियमानुसार केंद्र की पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। इसलिए दिल्ली-सहारनपुर यमुनोत्री मार्ग 709 बी चैनेज 126 से 207 तक किमी 178 से 104.4 को छोड़कर) (113.238 60) में कार्य करने की अनुमति उपशा से विनियमित कर एनएचएआई संबंधिध अभिलेख वन विभाग सहारनपुर को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि हाइवे निर्माण कार्य कराया जाए। मुख्य संरक्षक सहारनपुर नरेश कुमार ने क्षेत्रीय वन अधिकारी रामपुर मनिहारन एवं बेहट को दिल्ली-सहारनपुर 709 बी फेज-2 का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद कराने के निर्देश दिए हैं। उधर एनएचएआई के परियोजना निदेशक संजय कुमार मिश्रा ने भी वन विभाग सहारनपुर द्वारा नेशनल हाइवे के निर्माण पर रोक लगाए जाने की पुष्टि की है। दिल्ली-सहारनपुर 709 बी हाइवे फेज -2 का निर्माण करीब 700 रुपये की लागत से कराया जा रहा था। शामली से सहारनपुर तक करीब 62 किलोमीटर से 40 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। सिर्फ 22 किलोमीटर का ही निर्माण कार्य होना बाकी है। इनमें रामपुर मनिहारन एवं बेहट क्षेत्र में रेलवे ओवर ब्रिज एवं एक और ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य कराना भी शामिल है। मुख्य वन संरक्षक के इस आदेश के बाद से एनएचएआई भी सकते में है।