मारिब । यमन में सरकार समर्थिक सैनिकों और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष में 65 लोगों की मौत हो गई है।  विद्रोहियों ने मारिब शहर पर हमला किया, जो तेल संपन्न उत्तरी हिस्से में स्थित है। ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हूती ने रणनीतिक रूप से मजबूत इस शहर पर हमला किया है, इस हमले में उसके दर्जनों लड़ाके मारे गए हैं, लेकिन बावजूद इसके वह जंग में आगे बढ़ रहा है। 
जून महीने के बाद हूती का मारिब किया गया सबसे बड़ा हमला है। इससे पहले जून में तीन दिन तक चली लड़ाई में दोनों तरफ से कुल 111 लोग मारे गए थे। सैन्य अधिकारी ने बताया 48 घंटे के भीतर सरकार समर्थिक बल के 22 सैनिक मारे गए हैं और 50 अन्य घायल हुए हैं। इस संघर्ष में 43 हूती विद्रोहियों की मौत हुई है। मृतकों की संख्या की पुष्टि सेना और चिकित्सा से जुडे़ सूत्रों ने भी की है। यह लड़ाई यमन के सबसे बड़े सैन्य बेस पर हुए हवाई हमले के बाद शुरू हुई थी। यह सैन्य बेस सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना से संबंधित है। 
देश के उत्तरी हिस्से में स्थित इस सैन्य बेस पर हूती विद्रोहियों ने रविवार को हमला किया था। जिसमें सरकार समर्थिक 30 लड़ाकों की मौत हो गई थी। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना का समर्थन प्राप्त है। हूती विद्रोहियों ने साल 2014 में राजधानी सना पर कब्जा करने के बाद यहां जंग छेड़ दी थी। उसने फरवरी में मारिब को कब्जाने की कोशिश की, जिसमें दोनों तरफ सैकड़ों लोग मारे गए। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र कई बार यमन में युद्ध खत्म करने का आह्वान कर चुके हैं । जबकि हूतियों की मांग है कि सना एयरपोर्ट को दोबारा खोला जाए, जो साल 2016 के बाद से सऊदी अरब ने बंद किया हुआ है।