फतेहपुर । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिला महिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने एक ना‎बा‎लिग ‎दलित लड़की से छेड़खानी की। आरोप है कि अस्पताल के दो डाक्टरों ने पीड़िता की मां को पानी लाने के बहाने बाहर भेज ‎दिया ‎फिर वारदात को अंजाम ‎दिया। जब मां वापस आई तो नाबा‎लिग पूरी आपबी‎ती सुनाई। सूचना ‎मिलने के बाद प‎रिजनों ने स्थानीय पु‎लिस थाने में मामला दर्ज कराया। ‎‎शिकायत के आधार पर सिटी और सदर कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और पीड़िता के बयान ‎लिये। जानकारी की के मुता‎बिक फतेहपुर जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती नाबालिग दलित लड़की से कथित छेड़खानी की वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना के बाद सीओ सिटी संजय सिंह सदर कोतवाली पुलिस के साथ अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे और पीड़िता का बयान दर्ज मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी। 
बताया जा रहा है ‎कि इस घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने केस नही दर्ज किया था। हालां‎कि, बीते गुरुवार की रात करीब 10 बजे पुलिस फिर अस्पताल पहुंची और बुधवार की रात ड्यूटी पर तैनात सभी डाक्टरों से लंबी पूछताछ की। जब पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों की पहचान के लिए पीड़िता के सामने पेश किया तो पीड़िता ने एक आरोपी डॉक्टर की पहचान कर ली है, जिसके बाद पुलिस पीड़िता के परिजनों से तहरीर लेकर वापस थाने चली गई। पीड़िता की बड़ी बहन ने बताया कि वह गाजीपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। बुधवार को उसकी छोटी बहन की तबियत खराब हो गई थी, जिसे इलाज के लिए जिला महिला चिकित्साल में भर्ती कराया गया था। बुधवार की रात करीब 2 बजे अस्पताल के दो डाक्टर उसके बहन के पास आये और उसकी मां से ताजा पानी लाने के लिए बोला। जब उसकी मां पानी लेने के लिए बाहर चली गई तो दोनो डाक्टरों ने उसकी छोटी बहन को कमरे में ले जाकर उसके साथ छेड़खानी की। वहीं इस मामले में पीड़िता का कहना है कि उसके साथ छेड़खानी करने वाले दोनों डॉक्टर अस्पताल के ही स्टाफ हैं। वह उनका नाम तो नहीं जानती लेकिन सामने आने पर उन्हें जरूर पहचान जाएगी। ‎फिलहाल पु‎लिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।