भोपाल । मप्र में नाइट कफ्र्यू 10 अगस्त तक जारी रहेगा। गृह विभाग ने शनिवार को आदेश जारी कर दिए हैं। इस दौरान रात 11 से सुबह 6 बजे तक भोपाल समेत प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में कफ्र्यू रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से नाइट कफ्र्यू पहले ही सरकार हटा चुकी है। इससे पहले 19 जुलाई को सरकार ने नाइट कफ्र्यू समेत अन्य प्रतिबंध 31 जुलाई तक लागू रखने के आदेश दिए थे। यह अवधि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने यह आदेश जारी किए। साथ ही सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का कड़ाई से पालन कराएं। नाइट कफ्र्यू की अवधि बढ़ाने के साथ ही सरकार ने धार्मिक स्थलों, जिम, सिनेमाघर आदि में लोगों की संख्या सीमित रखी है।
केरल में लगातार चौथे दिन 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आने हैं और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। जिन्हें देखते हुए सरकार ने 31 जुलाई तक लागू की गई गाइड लाइन की सख्ती आगे बढ़ाई है। वहीं सरकार ने सभी कलेक्टरों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए हैं। प्रदेश के स्कूली बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों से वर्चुअल बात करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना को लेकर सतर्क रहने, लापरवाही न करने और कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोरोना पूरी तरह से नियंत्रण में है। फिर भी तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा जा रहा है।
शहरी क्षेत्रों में चैकिंग बढ़ाई
पड़ोसी राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के शहरी और कस्बाई क्षेत्रों में एक बार फिर सख्ती शुरू हो गई है। पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है और मास्क एवं शारीरिक दूरी के नियमों के तहत दिए गए निर्देशों के मुताबिक चैकिंग की जा रही है। राजधानी में भी प्रमुख चौराहों और रास्तों पर पुलिस मास्क की जांच कर रही है। इस दौरान यह भी देखा जा रही है कि चार पहिया वाहन में कितने लोग बैठे हैं। निर्देशों के तहत वाहन में भी शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना है।
जहां शंका, वहां ज्यादा सतर्कता
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति में लगातार सुधार हुआ है। अब उन स्थानों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां कोरोना बढ़ सकता है। हम पूरी तरह से सतर्क हैं। जांच भी उतनी ही की जा रही हैं, जितनी दूसरी लहर के दौरान की जा रही थीं। टीकाकरण में भी नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। हमारे यहां टीके का वेस्टेज माइनस में है।