लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी आठों आधिकारिक प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भाजपा के सभी आठ प्रत्याशियों—धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने लखनऊ स्थित विधान भवन में पहुंचकर अपना पर्चा दाखिल किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी उम्मीदवारों को जीत की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

नामांकन के दौरान मौजूद रहे पार्टी के दिग्गज नेता और मंत्री

इस महत्वपूर्ण नामांकन प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी, बलदेव सिंह औलख समेत कई अन्य प्रमुख नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

प्रदेश मुख्यालय से लेकर विधानसभा तक नजर आया कार्यकर्ताओं का भारी उत्साह

मंगलवार की सुबह भाजपा के सभी आठों प्रत्याशी पार्टी के प्रांतीय मुख्यालय पहुँचे। उनके वहाँ पहुँचते ही बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र हो गए। ढोल-नगाड़ों की थाप और जोरदार नारेबाजी के बीच सभी प्रत्याशियों का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद सभी उम्मीदवार अपने समर्थकों और वरिष्ठ पार्टी नेताओं के एक विशाल काफिले के साथ विधान भवन के लिए रवाना हुए।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। इसके उपरांत, 7 अक्टूबर को सभी नामांकन पत्रों की विधिवत जांच की जाएगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के तहत मतदान आगामी 16 अक्टूबर को संपन्न होगा।

समाजवादी पार्टी ने नहीं उतारा अपना तीसरा उम्मीदवार

इस चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) की तरफ से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवाणी पहले ही अपना-अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी मैदान में कोई तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी। सपा के इस निर्णय से उत्तर प्रदेश की कुल 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव का पूरा राजनीतिक समीकरण अब पूरी तरह से साफ हो गया है।