जयपुर। उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और पैकेज्ड सामग्री से जुड़े विधिक प्रावधानों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग का विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ राज्यभर में एक विशेष निरीक्षण अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत राजस्थान के विभिन्न जिलों में कुल 108 फर्मों का औचक निरीक्षण किया गया और विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए कुल ₹2,61,000 की कम्पाउंडिंग राशि वसूल की गई।

जयपुर में विट्रोमेड हैल्थकेयर पर कार्रवाई

अभियान के दौरान जयपुर के 22 गोदाम क्षेत्र स्थित 'विट्रोमेड हैल्थकेयर' के निरीक्षण में फर्म के पास आवश्यक पैकर रजिस्ट्रेशन नहीं होना पाया गया। इस गंभीर अनियमितता पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15,000 रुपए की कम्पाउंडिंग राशि अधिरोपित की। इसके अतिरिक्त, पैकेज पर की जाने वाली निर्धारित अनिवार्य घोषणाओं में भी कमियां पाई गईं। इन सभी कमियों को दूर करने के लिए फर्म को एक औपचारिक इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है, तथा उन्हें तय समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक सुधार और वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

विभाग की सख्त चेतावनी और निरंतर कार्रवाई जारी

विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि पैकेज्ड कमोडिटीज के निर्माताओं, पैकरों और संबंधित व्यापारिक प्रतिष्ठानों द्वारा वैधानिक पंजीयन तथा पैकेज पर अनिवार्य घोषणाओं का पूर्ण व सही पालन नहीं किए जाने पर भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं को किसी भी उत्पाद से जुड़ी सही और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना हर प्रतिष्ठान का वैधानिक दायित्व है और इन नियमों के उल्लंघन को विभाग द्वारा बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्यभर में यह निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।