मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में नई परिभाषित अंशदान पेंशन योजना के तहत कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए अब राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) लागू की जाएगी। मनपा की स्थायी समिति ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। इस बदलाव के तहत वर्ष 2008 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की पेंशन से जुड़ी जमा राशि को एनएसडीएल (प्रोटीन) के माध्यम से राष्ट्रीय पेंशन व्यवस्था में स्थानांतरित किया जाएगा।
मनपा के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2010-11 से 2024-25 के बीच इस योजना के तहत लगभग 6,239.08 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, जिन्हें एनपीएस लागू होने के बाद पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के माध्यम से ट्रांसफर किया जाएगा। भविष्य में कर्मचारियों के वेतन से होने वाली कटौती और मनपा का अंशदान भी इसी नई व्यवस्था के तहत जमा होगा।
पुरानी व्यवस्था और अंशदान के नियम
राज्य सरकार द्वारा 1 नवंबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए शुरू की गई परिभाषित अंशदान पेंशन योजना को मुंबई महानगरपालिका में 7 मई 2008 से लागू किया गया था।
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इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत राशि काटी जाती थी और मनपा की ओर से भी 10 प्रतिशत अंशदान दिया जाता था।
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वर्ष 2019 में मनपा के अंशदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया था।
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अब एनपीएस लागू होने के बाद कर्मचारियों और मनपा दोनों का यह अंशदान एनएसडीएल के जरिए सीधे पेंशन खातों में जमा किया जाएगा।
सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले विकल्प और कर प्रावधान
एनपीएस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय कई वित्तीय विकल्प मिलेंगे।
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राशि निकासी: कर्मचारी अपनी कुल संचित राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकेंगे।
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पेंशन राशि: शेष 40 प्रतिशत राशि को अनिवार्य रूप से पेंशन के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इन भुगतानों पर निर्धारित कर संबंधी प्रावधान भी लागू होंगे।
पीआरएएन (PRAN) मिलने से दूर होगी आयकर संबंधी परेशानी
अब तक मुंबई मनपा में एनपीएस लागू न होने के कारण कर्मचारियों को स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या यानी पीआरएएन (PRAN) नहीं मिल पाया था। इस वजह से वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कई कर्मचारियों को अपना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
एनपीएस के पूरी तरह लागू होने के बाद कर्मचारियों को पीआरएएन नंबर मिलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिससे इस तरह की प्रशासनिक और टैक्स संबंधी परेशानियां स्वतः दूर हो जाएंगी।
पेंशन भुगतान की प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद आने वाले दावों को मंजूरी देने का काम महानगरपालिका के माध्यम से किया जाएगा, जबकि संचित राशि का वास्तविक भुगतान पीएफआरडीए की प्रक्रिया के तहत होगा। मनपा के लेखा कोषागार विभाग ने यह प्रस्ताव स्थायी समिति के समक्ष रखा था, जिसे अब अंतिम स्वीकृति के लिए महानगरपालिका के पास भेजा गया है। अंतिम मुहर लगते ही मुंबई मनपा में एनपीएस की प्रत्यक्ष अमल प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।





