बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्षी दलों पर सरकार को बदनाम करने और राज्य को फिर से लूटने का मौका तलाशने का गंभीर आरोप लगाया है। बठिंडा के घुड्डा गांव में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम मान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का पंजाब विरोधी रिकॉर्ड रहा है, जिसे राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
भाजपा और अकाली दल के संभावित गठबंधन पर बोला हमला
सीएम मान ने दावा किया कि भाजपा और शिरोमणि अकाली दल एक बार फिर राजनीतिक गठबंधन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तंज कसते हुए कहा कि अकाली दल सत्ता में वापसी के लिए भाजपा के सामने गठबंधन की 'भीख' मांग रहा है। मान ने कहा कि इस गठबंधन के पीछे न तो पंजाब के विकास का कोई विजन है और न ही जनता की चिंता। सुखबीर बादल पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे सुरक्षित और विलासितापूर्ण माहौल में रहे हैं, इसलिए उन्हें न तो पंजाब की जमीनी हकीकत का पता है और न ही किसानों की समस्याओं की समझ है।
बीजेपी और कांग्रेस के अतीत को लेकर घेरा
विपक्षी नेताओं को 'मोदी कोटा' और 'राहुल गांधी कोटा' बताते हुए भगवंत मान ने खुद को 'जनता के कोटे' का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड, एसवाईएल नहर, आरडीएफ और गणतंत्र दिवस की झांकियों जैसे मुद्दों पर भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में शहीद हुए 700 से अधिक किसानों के खून से भाजपा के हाथ रंगे हैं। वहीं, कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि उसी पार्टी ने श्री अकाल तख्त साहिब में टैंक भेजे थे और अपने शासनकाल में नशे के कारोबार व बेअदबी की घटनाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी।





