देश की आर्थिक वृद्धि दर काफी कमजोर दिखाई दे रही है। यह बढ़ते श्रमबल की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिहाज से पर्याप्त नहीं रहेगी। इसके अलावा, मौद्रिक सख्ती यानी ऊंची ब्याज दरों की वजह से कर्ज की मासिक किस्त बढ़ी है। इससे परिवारों के खर्च में कमी आ रही...
Published on 27/02/2023 1:30 PM





