इन्दौर । मानव तमाम व्यथाओं में डूबा हुआ है। भागवत केवल कथा नहीं, हम सबके जीवन की व्यथाओं को मिटाने की चाबी है। बालक ध्रुव की भक्ति निष्काम थी, उसे केवल परमात्मा की गोद चाहिए थे। जिस दिन हमें भी परमात्मा की गोद मिल जाएगी, हमारा जीवन भी सार्थक हो...
Published on 08/07/2022 8:00 PM





