नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन भी हंगामे का दौर जारी रहा, जिसके चलते इस बार का पूरा सत्र लगातार गतिरोध की भेंट चढ़ गया। सदन के भीतर और परिसर में विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस ने पूरे सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन से गैरहाजिरी को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।

मोदी-शाह ने किया संसद का अनादर: टीएमसी

टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने मानसून सत्र 2026 के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों शीर्ष नेताओं ने लोकतांत्रिक संस्था और संसद का पूरी तरह अनादर किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले चार हफ्तों से लगातार पीएम और गृह मंत्री से सदन में आकर जनता के मुद्दों पर जवाब देने की मांग कर रहा था, लेकिन सरकार ने विपक्ष की आवाज को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।

NEET और पैलेट गन के मुद्दे पर चर्चा से भागी सरकार

सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि विपक्ष NEET परीक्षा में जारी धांधली, छात्रों के आंदोलन और युवाओं पर पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा चाहता था। हालांकि, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री एक पल के लिए भी सदन में नहीं आए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पूरे सत्र में जनता की आवाज दबाने के बाद आखिरी दिन चर्चा के लिए तैयार होने का दावा करना सरकार की गैर-संजीदगी को साफ जाहिर करता है।

20 दिन तक गृह मंत्री ने सदन में कदम तक नहीं रखा: कांग्रेस

सदन की कार्यवाही ठप होने पर कांग्रेस ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि सरकार की कोई जवाबदेही तय नहीं दिख रही है। गृह मंत्री संसद परिसर में मौजूद रहने के बावजूद 20 दिनों तक सदन में नहीं आए और सत्र के अंतिम दिन आकर चर्चा की बात करने लगे। औजला ने कहा कि सत्ता पक्ष खुद नहीं चाहता था कि सदन चले, जबकि विपक्ष केवल जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का अपना काम कर रहा था।