वाशिंगटन। अमेरिकी सीमा सुरक्षा एजेंसी (यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन - सीपीबी) द्वारा जारी किए गए हालिया आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने की कोशिश करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या में पिछले तीन वर्षों के दौरान अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। जारी आंकडों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 के पहले आठ महीनों (अक्टूबर 2023 से मई 2024 तक) में भारतीय नागरिकों से जुड़े कुल 20,614 मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2023 की समान अवधि की तुलना में लगभग 69 प्रतिशत कम है, जब ऐसे मामलों की संख्या 67,212 तक पहुंच गई थी। यह गिरावट एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, खासकर उन अवैध मार्गों पर जिन्हें डंकी रूट के नाम से जाना जाता है। इस गिरावट का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर देखने को मिला है, जिसे कभी अवैध प्रवासियों के लिए एक प्रमुख और खतरनाक रास्ता माना जाता था। अक्टूबर 2023 से मई 2024 के बीच इस दक्षिणी सीमा पर भारतीयों से जुड़े सिर्फ 417 मामले दर्ज हुए, जो वित्त वर्ष 2023 में इसी अवधि के 30 हजार से अधिक मामलों के मुकाबले लगभग 99 प्रतिशत की चौंकाने वाली और ऐतिहासिक गिरावट है। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इस मार्ग पर प्रवासियों को रोकने के प्रयासों में भारी सफलता मिली है।
अमेरिका-कनाडा सीमा पर भी भारतीयों के अवैध प्रवेश से जुड़े मामलों में भारी कमी आई है। मई 2024 तक यहां भारतीय नागरिकों से जुड़े 2,250 मामले दर्ज किए गए, जो वित्त वर्ष 2023 की समान अवधि की तुलना में लगभग 91 प्रतिशत कम हैं। अगर पूरे अमेरिका में भारतीय नागरिकों से जुड़े कुल अवैध प्रवेश मामलों की बात करें तो मई 2024 तक यह संख्या 20,614 रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह संख्या लगभग 29 हजार थी, और वित्त वर्ष 2023 में यह 67 हजार से अधिक पहुंच गई थी। इस भारी गिरावट की मुख्य वजहों पर विशेषज्ञों की राय है कि अमेरिका की सख्त होती आव्रजन (इमिग्रेशन) और शरण (असाइलम) नीतियों का सीधा असर दिखाई दे रहा है।
अमेरिका स्थित निस्केनन सेंटर के विशेषज्ञ गिल्बर्ट गुएरा का मानना है कि जब लोगों को यह महसूस होने लगता है कि अवैध रास्ते से अमेरिका पहुंचने पर कामयाबी की संभावना बेहद कम है, और पकड़े जाने पर न केवल तत्काल निर्वासन का सामना करना पड़ता है, बल्कि भविष्य में वैध प्रवेश के अवसर भी धूमिल हो जाते हैं, तो वे ऐसा जोखिम नहीं उठाते। इसके अलावा, भारत से अवैध तरीके से अमेरिका जाना बेहद खर्चीला होता है, जिसमें बड़ी रकम (अक्सर लाखों रुपये) खर्च होती है और फिर भी सफलता या सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती। कई बार प्रवासियों को रास्ते में अमानवीय परिस्थितियों और खतरों का सामना करना पड़ता है।
अमेरिका में ‘डंकी रूट’ से प्रवेश करने वाले भारतीयों की संख्या में भारी कमी
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