वाशिंगटन/दुबई। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पूरे क्षेत्र में हालात बेहद नाजुक और विस्फोटक हो चुके हैं। शांति और सीजफायर की जारी वार्ताओं के बीच इजरायली सेना ने लेबनान और गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाइयों को और तेज कर दिया है, जिससे युद्ध की आग तेजी से फैल रही है। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के अल-मंसूरी शहर और मजदल जून गांव पर भीषण हवाई हमले किए, जिनसे पूरा इलाका गूंज उठा। वहीं गाजा शहर के घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र 'अल-जला' में भी इजरायल द्वारा की गई बमबारी से भारी तबाही और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।

हूती विद्रोही का सऊदी टैंकरों पर हमला, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में स्थित दो सऊदी तेल टैंकरों—'ENCELIA' और 'LAYLA'—पर बैलिस्टिक, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से हमला करने की जिम्मेदारी ली है। हूती संगठन का दावा है कि जहाजों में आग लगने से भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए ईरान को सीधी और कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों पर हमले जारी रहे, तो ईरान और हूती दोनों को ही अमेरिका की कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

फ्रांस और कतर ने जताया कड़ा विरोध, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहराया संकट

लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की इस घटना की फ्रांस और कतर ने भी सख्त लहजे में निंदा की है। दोनों देशों ने संयुक्त बयानों में कहा कि ऐसे हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन हैं, बल्कि ये वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी सीधा खतरा पैदा करते हैं। कतर ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूर्ण एकजुटता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को सख्ती से लागू करने की मांग की, वहीं फ्रांस ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से ऐसी हिंसक कार्रवाइयों को तुरंत रोकने का आग्रह किया है।