वॉशिंगटन: यूरोप के बाद अब पूरा अमेरिका भी इस समय रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी और जानलेवा लू (हीटवेव) की चपेट में है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि देश के कई प्रमुख शहरों में स्थानीय प्रशासन को नागरिकों की जान बचाने के लिए आपातकालीन और विशेष इंतजाम करने पड़ रहे हैं। राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) द्वारा जारी चेतावनी के मुताबिक, देश के मध्य और पूर्वी इलाकों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है, जबकि हवा में भारी नमी (ह्यूमिडिटी) के कारण महसूस होने वाला वास्तविक तापमान (रियल फील) 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।

6 करोड़ आबादी पर हीट अलर्ट, स्वतंत्रता दिवस पर भी संकट

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की लगभग 6 करोड़ से अधिक की आबादी इस समय गंभीर 'हीट अलर्ट' के दायरे में जीने को मजबूर है। मौसम वैज्ञानिकों ने सचेत किया है कि आने वाले दिनों में कई शहरों में गर्मी के दशकों पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस भीषण गर्मी का प्रकोप 4 जुलाई को आने वाली स्वतंत्रता दिवस की छुट्टियों के दौरान भी जारी रहने का अनुमान है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिकागो प्रशासन ने पूरे शहर में आपातकालीन 'कूलिंग सेंटर' खोल दिए हैं। साथ ही, अकेले रह रहे बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेहत पर नजर रखने के लिए सरकारी कर्मचारियों की विशेष टीमें घर-घर भेजी जा रही हैं।

न्यूयॉर्क में 'कूलिंग वैन' और वॉशिंगटन में भव्य आतिशबाजी की तैयारी

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इस मौसमी संकट से निपटने के लिए एक विशेष एक्शन प्लान जमीन पर उतारा है। इसके तहत राहगीरों को मुफ्त और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए पूरे शहर में मोबाइल वैन चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, जगह-जगह अस्थायी कूलिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को राहत देने के लिए मिस्टिंग फैन (पानी की बौछार वाले पंखे) और कूलिंग तौलिए दिए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, राजधानी वॉशिंगटन में भी गुरुवार से शनिवार के बीच तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक छूने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इसी अत्यधिक गर्मी के बीच वाशिंगटन में देश के 250वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर भव्य आतिशबाजी का एक बड़ा कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

बंद कारों में 9 बच्चों की मौत, फीफा वर्ल्ड कप पर भी गर्मी का साया

स्वास्थ्य एजेंसियों ने आम जनता के लिए सख्त गाइडलाइन जारी करते हुए बेवजह धूप में न निकलने, लगातार पानी पीते रहने और हीट स्ट्रोक (लू लगने) के शुरुआती लक्षणों को पहचानकर तुरंत इलाज लेने की सलाह दी है। अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी है कि बच्चों को भूलकर भी बंद गाड़ियों में अकेला न छोड़ें, क्योंकि इस साल अब तक तपती कारों के अंदर दम घुटने से 9 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।

इस जानलेवा गर्मी का सीधा असर खेल के मैदानों पर भी दिखाई दे रहा है। वर्तमान में अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित हो रहे फीफा वर्ल्ड कप के कई महत्वपूर्ण मुकाबले इस झुलसाने वाली गर्मी के बीच खेले जा रहे हैं। तेज धूप के कारण खिलाड़ियों और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को भारी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले भी खराब और गर्म मौसम की वजह से एक मैच को करीब दो घंटे के लिए रोकना पड़ा था। मौसम विभाग का स्पष्ट कहना है कि आने वाले कुछ दिन पूरे अमेरिका के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।