जयपुर:झुलसाने वाली गर्मी और उमस से बेहाल राजस्थान के वासियों के लिए आखिरकार एक बड़ी राहत की खबर आई है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों के भीतर मानसूनी हवाएं राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर सकती हैं। इस बार मानसून राज्य के दक्षिणी हिस्से डूंगरपुर और बांसवाड़ा के रास्ते दाखिल होगा। इसके प्रभाव से 2 जुलाई से ही राज्य के कई इलाकों में अंधड़ और बौछारों का दौर शुरू हो जाएगा, जो 6 जुलाई तक पूरे प्रदेश को अपनी आगोश में ले लेगा।

पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश के आसार, इन संभागों में बढ़ेगी हलचल

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, 2 या 3 जुलाई को मानसून पूर्वी राजस्थान के हिस्सों को भिगोना शुरू कर देगा। इसके असर से उदयपुर, कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के जिलों में मेघ गर्जन के साथ तेज बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। 3 से 6 जुलाई के बीच बारिश का यह दायरा और ज्यादा बढ़ेगा, जिससे कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ चुनिंदा इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पूर्वी हिस्सों में धूलभरी आंधी का अलर्ट, जुलाई में कम बारिश की आशंका

एक तरफ जहाँ बारिश की आस है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने 2 से 4 जुलाई के बीच बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तेज अंधड़ की चेतावनी दी है। इसके अलावा, जोधपुर और जालोर में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने इस बात की चिंता भी जताई है कि जुलाई के पूरे महीने में इस बार सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है, जिसने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

श्रीगंगानगर 43.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म, कोटा क्षेत्र में दर्ज हुई बौछारें

बीते 24 घंटों की बात करें तो पूरा प्रदेश उमस और तीखी धूप से परेशान रहा। राजधानी जयपुर में भी पारा 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन हवा में नमी के कारण लोग पसीने से तर-बतर रहे। इस दौरान श्रीगंगानगर 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे तपा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि मंगलवार को कोटा संभाग के मंडाना में 30 एमएम और झालावाड़, धौलपुर व बारां के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिसने आने वाले मानसून की आहट दे दी है।