बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को चूना लगाने का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने एक ऐसी शातिर महिला को धर दबोचा है, जो खुद को राज्य शासन के मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) का करीबी बताकर लोगों को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का लालच देती थी। यह जालसाज महिला अब तक करीब 7 लोगों से कुल 25 लाख 50 हजार रुपये की मोटी रकम ऐंठ चुकी है।
रसूखदारों से पहचान बताकर युवाओं को फंसाया
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार की गई आरोपी महिला की पहचान 36 वर्षीय लता धीवर (पति आकाश धीवर, निवासी वार्ड नंबर 05) के रूप में हुई है। वह स्थानीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए दावा करती थी कि शासन के उच्च अधिकारियों से उसके सीधे संबंध हैं। वह कृषि विभाग और जिला अस्पताल जैसे प्रतिष्ठित सरकारी महकमों में सीधे बैक-डोर एंट्री कराने का भरोसा देकर पैसे वसूलती थी। हाल ही में उसने तीन नए पीड़ितों से नौकरी पक्की कराने के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये ऐंठे थे।
नौकरी न मिलने पर फूटा भांडा, सहयोगी की तलाश जारी
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को कोई नियुक्ति पत्र (ज्वाइनिंग लेटर) नहीं मिला, तो उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। महिला से पैसे वापस मांगने पर जब वह टालमटोल करने लगी, तो पीड़ितों ने बालोद पुलिस की शरण ली।
तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की यह रकम सीधे महिला के पास न जाकर, उसके एक खास सहयोगी द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस अब उस बैंक खाते की डिटेल खंगालने के साथ ही फरार सहयोगी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
सलाखों के पीछे पहुँची आरोपी महिला
पुलिस की कार्रवाई:पीड़ितों की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस ठगी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है और जल्द ही इसमें शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा।





